उत्तरप्रदेश

ग्रेटर नोएडा में नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 2.54 लाख के जाली नोटों के साथ 3 गिरफ्तार

 नोएडा: गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट की थाना ईकोटेक-1 पुलिस और स्वाट टीम, ग्रेटर नोएडा जोन ने संयुक्त अभियान चलाकर नकली नोट छापने और उनकी तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों के पास से 100-100 रुपये मूल्य के कुल 2,549 जाली नोट बरामद हुए है, जिनकी कुल कीमत करीब 254900 रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, 5 अक्टूबर यानी सोमवार को इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। टीम ने तीन आरोपियों को मौके से धर दबोचा। आरोपियों की पहचान बन्टी अत्री (23) निवासी पालर थाना टप्पल जिला अलीगढ़, खुशदिल (21) और उपेन्द्र कुमार (25) निवासी ग्राम कसेरु थाना चन्डौस जिला अलीगढ़ के रूप में हुई है। इन तीनों को ग्रेटर नोएडा के सिरसा गोलचक्कर से गिरफ्तार किया गया है।

तलाशी के दौरान ये सामान बरामद
तलाशी के दौरान उनके पास से नकली नोट छापने वाला प्रिंटर , नोटों को काटने की मशीन और स्कॉर्पियो कार बरामद हुई। पुलिस ने वाहन का नंबर HR 30 AF 9184 बताया है। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन के साथ आईडी कार्ड और अन्य कागजात भी पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सबसे पहले असली नोट को स्कैन करते थे और फिर प्रिंटर के जरिए उसी सीरियल नंबर वाले नकली नोट को छापते थे।

छपे हुए नोटों को सही आकार देने के लिए कटिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद नकली नोटों की गड्डियां बनाई जाती थीं और पहचान से बचने के लिए गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट लगा दिए जाते थे। नकली नोटों की गड्डियों को वास्तविक दिखाने के लिए आरोपी उनके दोनों सिरों पर केनरा बैंक के डिपॉजिट फॉर्म लगाकर रबर बैंड से बांधते थे। इसके बाद इन गड्डियों को असली मुद्रा बताकर बाजार में चलाने की कोशिश की जाती थी।

पूछताछ में आरोपियों ने दी जानकारी
पुलिस ने इस मामले में थाना इकोटेक प्रथम में धारा 178/179/180 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और जाली नोटों की सप्लाई के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने जाली नोट तैयार करने के तरीके के बारे में जानकारी दी। आरोपियों द्वारा पहले असली नोट को स्कैन किया जाता था और फिर प्रिंटर की मदद से उसी सीरियल नंबर के जाली नोटों की छपाई की जाती थी। इसके बाद मशीन की सहायता से नोटों की कटिंग कर उन्हें असली नोटों के आकार में तैयार किया जाता था।

एडीसीपी ने दी जानकारी
एडीसीपी ग्रेटर नोएडा अभय कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी सामान्य तकनीक का इस्तेमाल कर जाली नोट तैयार करते थे और उन्हें बाजार में खपाने की योजना बनाते थे। उनके कब्जे से नकली नोटों के साथ छपाई में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं। आरोपियों के पास कोई अत्याधुनिक तकनीक नहीं थी। वे साधारण कलर प्रिंटर और स्कैनर से 100 रुपये के असली नोट को स्कैन कर उसकी प्रतिकृति तैयार करते थे। इसके बाद कंप्यूटर की मदद से एक जैसे सीरियल नंबर वाले नकली नोट बड़ी संख्या में प्रिंट किए जाते थे।

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