breaking news-ट्रंप ने रूस पर लगे प्रतिबंध और सीमा शुल्क हटाए, भारत को भी मिलेगी राहत

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारत को ट्रेड शुल्कों में राहत देने की घोषणा की है। उन्होंने रूस से जुड़े कई प्रतिबंधों और शुल्कों को हटाने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ये राहत भारत के साथ चीन को भी दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस कदम से भारत और चीन को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रंप उस कानून के तहत ये प्रतिबंध लगाने वाले थे, जिस पर उन्होंने बीते महीने साइन किया था।
कानून में है सख्त प्रावधान
बता दें कि ट्रंप अमेरिका को किसी भी हाल में ट्रेड नुकसान नहीं होने देने कि लिए इस कानून के जरिए कई सख्त कदम उठाने वाले थे। इस दौरान रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर पूरे 100 फीसदी तक टैरिफ (शुल्क) लगाया जाता। इससे रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों को काफी आर्थिक नुकसान होता। दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम इस कानून के मुख्य समर्थक थे।
बढ़ रही रूस और अमेरिका की नजदीकी
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की की आलोचना करने और रूस के साथ नजदीकी बढ़ने के दौरान ट्रंप का ये आदेश सामने आया है। इधर कुछ दिनों से अमेरिका और रूस की नजदीकी देखी जा सकती है। ट्रंप रूस और यूक्रेन दोनों के ही राष्ट्राध्यक्षों से युद्ध रोकने की अपील कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने दोनों ही देशों पर कई तरह से दबाव डाला लेकिन युद्ध नहीं रोक पाए।
राष्ट्र हित में लगाई गई रोक
शुक्रवार को देर रात जारी एक कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने बताया कि ग्राहम एक्ट के तहत आने वाले रोक, प्रतिबंधों और शुल्कों को लागू करने से छूट दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस को इसके लिए एक प्रमाण-पत्र सौंपा है। इसमें उन्होंने इस राष्ट्रहित में उठाया गया कदम बताया है।
बाद में कर सकते हैं लागू
यहां ये बता दें कि रूस से जुड़े टैरिफों को लागू करने पर ये रोक सिर्फ कुछ दिनों की हो सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप भविष्य में इससे फायदा नुकसान को देखते हुए लागू भी कर सकते हैं। इसलिए उनके ताजा निर्देश के मुताबिक ये रोक लंबे समय तक होगी या नहीं होगी इस पर संशय है। चीन के बाद भारत रूसी कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा ख़रीदार है.
क्या है ग्राहम एक्ट
ग्राहम एक्ट के जरिए अमेरिका रूस पर सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाना चाहता है। इस कानून में ये प्रावधान है कि अगर कोई भी देश रूस से ज्यादा मात्रा में तेल खरीदेगा तो उसे आर्थिक प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों पर ये प्रतिबंध लागू होगा। हालांकि इसमें उन देशों को छूट मिलेगी जो अपने देश की कुल जरूरत का मात्र 15 फीसदी ही तेल आयात करते हैं। तेल खरीदने वाले देशों पर 100 से 500 फीसदी तक टैरिफ लगाया जा सकता है।




