Bhubaneswar में RBI के नए डेटा सेंटर का उद्घाटन, PM Modi बोले- बैंकिंग सुरक्षा जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर में आरबीआई के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल बैंकिंग से आज सरकारी लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रहा है। पीएम ने जोर दिया कि देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और बैंकिंग व्यवस्था को आधुनिक साइबर खतरों से सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में रविवार को भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन हुआ। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री का सम्मान किया गया।
उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भुवनेश्वर आज नए भारत को एक नया संस्थान दे रहा है। उन्होंने आरबीआई के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान को महत्वपूर्ण बताते हुए इससे जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।
गांवों और छोटे शहरों के विकास पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने लोगों को केंद्र में रखकर और तेजी से काम करने वाली बेहतर शासन व्यवस्था का मॉडल अपनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए विकास का मतलब पूरे भारत का संतुलित विकास है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गांवों और छोटे शहरों में भी नए अवसर पैदा करना, दूर-दराज के इलाकों तक बेहतर संपर्क पहुंचाना और गरीब परिवारों को सम्मान के साथ जीवन जीने का मौका देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आज देश के एक्सप्रेसवे छोटे शहरों को भी जोड़ रहे हैं। एम्स जैसी स्वास्थ्य संस्थाओं का कई राज्यों में विस्तार किया गया है और छोटे शहरों में मेडिकल कॉलेज भी बनाए जा रहे हैं।
पहले फोन बैंकिंग से कुछ खास लोगों को मिलता था फायदा
प्रधानमंत्री ने 2014 से पहले की बैंकिंग व्यवस्था पर कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि उस समय ‘फोन बैंकिंग’ का एक अलग दौर था। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में कांग्रेस के करीबी कुछ लोग हजारों करोड़ रुपये का बैंक कर्ज आसानी से हासिल कर लेते थे, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बैंक खाता खोलने के लिए भी गारंटी की जरूरत पड़ती थी।
उन्होंने कहा कि उस समय प्रभावशाली लोगों को हजारों करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया। इसका असर देश के बैंकिंग क्षेत्र पर पड़ा और बैंकों पर फंसे हुए कर्ज यानी एनपीए का बोझ बढ़ गया।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत का बैंकिंग क्षेत्र दुनिया के मजबूत बैंकिंग क्षेत्रों में शामिल है। उन्होंने कहा कि पहले बैंकिंग सेवाओं का फायदा प्रभावशाली लोगों तक सीमित था, लेकिन आज डिजिटल बैंकिंग के जरिए देशभर के परिवार बैंकिंग सेवाओं का फायदा उठा रहे हैं।
अब दिल्ली से भेजा एक रुपया पूरा लाभार्थी के खाते में पहुंचता है
पीएम मोदी ने ओडिशा का जिक्र करते हुए कहा कि यहीं की धरती से देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से भेजे गए एक रुपये में से सिर्फ 15 पैसे ही लोगों तक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा, “अब जब दिल्ली से एक रुपया भेजा जाता है, तो पूरी राशि उस लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचती है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय डेबिट और क्रेडिट कार्ड को अमीर लोगों की चीज माना जाता था, लेकिन आज देश के हर नागरिक के लिए इनकी पहुंच आसान हुई है। देशभर में करोड़ों डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं।
25 हजार करोड़ रुपये बिना किसी शोर के लोगों तक पहुंचे
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने 25 हजार करोड़ रुपये जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई दूसरी सरकार इतनी बड़ी रकम बांटने का ऐलान करती, तो कई महीनों तक इसका प्रचार होता। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान यह पैसा मुश्किल समय में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों तक बिना किसी शोर-शराबे के पहुंच रहा है।
पीएम मोदी ने कहा, “यही सुशासन का मतलब है।” उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में उन लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने पर ध्यान दिया गया, जो पहले इनसे दूर थे। अब आने वाले 10 साल में बैंकिंग व्यवस्था को और बेहतर और भरोसेमंद बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ओडिशा में बनाया गया नया डेटा सेंटर इस काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैंकिंग व्यवस्था को साइबर हमलों से बचाना जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर बैंकिंग व्यवस्था को सुरक्षित रखना है तो उसकी डिजिटल व्यवस्था की सुरक्षा भी जरूरी है। इसके लिए मजबूत डेटा सेंटर और बेहतर कंप्यूटर व्यवस्था की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज युद्ध केवल हथियारों से नहीं लड़े जाते। किसी देश की अर्थव्यवस्था पर हमला करके भी उसे कमजोर किया जा सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे भारत आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, वैसे-वैसे देश की बैंकिंग व्यवस्था को साइबर अपराधियों और साइबर आतंकवादियों से बचाना भी जरूरी हो गया है।
पुरानी व्यवस्था से नई साइबर चुनौतियों का मुकाबला नहीं होगा
प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर खतरे लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में पुरानी व्यवस्था, पुराने प्रशिक्षण के तरीके और पुराने उपकरणों से इन नई चुनौतियों का सामना नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश को आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ ऐसे लोगों की भी जरूरत है, जिनके पास साइबर सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी और कौशल हो। पीएम मोदी ने कहा कि भुवनेश्वर में शुरू किया गया नया साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




