सलमान की सुरक्षा देख बदला प्लान? रेकी करते रहे बिश्नोई गैंग के 2 शूटर, कैसे संजय दत्त से टाइगर पर शिफ्ट हुआ टारगेट

नई दिल्ली. बॉलीवुड में बिश्नोई गैंग की खौफनाक साजिशों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है. सलमान खान के बाद सुपरस्टार संजय दत्त भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों के सीधे निशाने पर थे. फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने यह सनसनीखेज जानकारी दी है. गैंग से जुड़े दो कथित शूटरों ने संजय दत्त की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया. वे इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब वीडियो देखकर एक्टर की कार पहचानने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, जब उन्हें जरूरी जानकारी नहीं मिली तो उन्हें अपना ध्यान टाइगर श्रॉफ पर लगाने के निर्देश दिए गए.
द फ्री प्रेस जर्नल की 27 अक्टूबर को प्रकाशित एक खबर के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने दावा किया कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो कथित शूटर रेहान और फूल सिंह सितंबर के आखिरी हफ्ते में मुंबई पहुंचे थे. दोनों हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले बताए गए हैं. उनकी उम्र 19 साल बताई गई है. वो अपने साथ मध्य प्रदेश से एक अवैध देसी हथियार लेकर आए थे. हालांकि, रेकी के दिन उन्होंने हथियार अपने होटल में ही छोड़ दिया था.
अक्टूबर के पहले हफ्ते में पहुंचे थे गैलेक्सी अपार्टमेंट्स
अक्टूबर के पहले हफ्ते में, गैंग के मुख्य हैंडलर अनिल पंडित के निर्देशों पर दोनों शूटरों ने बांद्रा स्थित सलमान खान के निवास ‘गैलेक्सी अपार्टमेंट्स’ के बाहर रेकी की. वहां मल्टी-लेयर सुरक्षा देखकर उन्होंने एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए पंडित को खबर दी कि सलमान खान पर सीधा हमला करना मुमकिन नहीं है. इसके बाद पंडित ने उन्हें बॉलीवुड के दूसरे बड़े स्टार्स के घरों की रेकी करने और विस्तृत वीडियो बनाने के निर्देश दिए.
रिपोर्ट के मुताबिक, गैलेक्सी अपार्टमेंट्स के बाहर से दोनों शूटरों ने एक ऑटो रिक्शा किराए पर लिया. ऑटो ड्राइवर 400 रुपये में उन्हें दूसरे स्टार्स के घर ले जाने के लिए तैयार हो गया. शूटर सबसे पहले आमिर खान और इमरान हाशमी के घर गए. इसके बाद वे पाली हिल स्थित संजय दत्त के घर पर पहुंचे, जो उस दिन उनका आखिरी ठिकाना था. संजय दत्त के घर पहुंचकर शूटरों ने यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या ‘संजू बाबा’ अंदर मौजूद हैं. उन्होंने आस-पास घूम रहे लोगों से पूछताछ भी की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिली. घर के मेन दरवाजे के पास बड़े-बड़े पेड़ होने के कारण वहां की गतिविधियों पर नजर रखना बेहद मुश्किल था.
जब मौके से सीधी जानकारी नहीं मिली तो शूटरों ने डिजिटल रास्ता अपनाया. उन्होंने यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर संजय दत्त के घर से निकलने वाले रील्स और वीडियो देखे. इन वीडियो के जरिए उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि संजय दत्त किस मंजिल पर रहते हैं, किस कार से चलते हैं और उनके साथ कौन रहता है. उन्होंने वीडियो में दिख रही कारों का मिलान इमारत के बाहर खड़ी गाड़ियों से करने की कोशिश की. हालांकि, वे न तो एक्टर की कार की पहचान कर सके और न ही उनकी मंजिल के बारे में पता लगा पाए और वहां से निकल गए.
संजय दत्त को टारगेट करने की वजह
सलमान खान और संजय दत्त दशकों पुराने दोस्त और को-स्टार्स हैं. जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बिश्नोई गैंग सलमान खान को सीधा नुकसान न पहुंचा पाने की स्थिति में उनके करीबी दोस्तों और सहयोगियों को निशाना बनाकर दबाव बनाना चाहता था. इससे पहले बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में भी यही पैटर्न देखा गया था. इसके अलावा, संजय दत्त के पुराने कानूनी मामलों की वजह से भी गैंग ने उन्हें अपना आसान निशाना समझा.
संजय दत्त के बाद टाइगर श्रॉफ पर ध्यान केंद्रित
जब दोनों शूटरों ने रेकी के वीडियो हैंडलर अनिल पंडित को भेजे तो पंडित ने बाकी स्टार्स को छोड़कर अपना पूरा ध्यान टाइगर श्रॉफ पर लगाने को कहा. पूछताछ के दौरान शूटरों ने खुलासा किया कि पंडित ने उन्हें बताया था कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार जुहू में पुष्पा पार्क के पास जामनबाई नरसी इंटरनेशनल स्कूल के मैदान में आते हैं. वहां उनके साथ कोई भारी सुरक्षा कवर नहीं होता है. फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क और गैंग के अगले मंसूबों की गहराई से जांच कर रही है.




