‘सबके जीवन में सदा-सर्वदा’ शुभ दीवाली आए!

प्रेम, प्यार और भाईचारे का प्रकाश फैलाने तथा स्वच्छता का संदेश देने वाला महापर्व दीवाली युगों पूर्व भगवान श्री रामचंद्र जी द्वारा रावण का वध करके लंका विजय और चौदह वर्ष का वनवास पूर्ण कर अयोध्या आगमन, पर अयोध्या वासियों ने दीपमाला करके उनका स्वागत किया था।
दीवाली का त्यौहार सबके लिए सुख, समृद्धि, खुशहाली और ‘सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे संतु निरामया:। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित दुुं:खभाग्भवेत्॥’ की भावना के साथ आता है कि ‘हे प्रभु सभी सुखी रहें, सभी निरोगी रहें, सभी सन्मार्ग पर चलें और किसी को भी दुख प्राप्त न हो’। यह परम्परा आज भी भारतवासियों द्वारा निभाई जा रही है जिसके हाल ही के दिनों में सामने आए चंद उदाहरण निम्न में दर्ज हैं :
* 1 नवम्बर को दक्षिण भारतीय फिल्मों के अभिनेता ‘विजय सेतुपति’ द्वारा तमिलनाडु के ‘तेनकासी’ में आयोजित एक विशेष दीवाली कार्यक्रम तथा मैडीकल चैकअप कैम्प के दौरान 200 से अधिक बुजुर्गों और बच्चों को कपड़े, मिठाइयां तथा अन्य जरूरत का सामान प्रदान किया।
* 1 नवम्बर को ही ‘रिलायंस फाऊंडेशन’ की संस्थापक और चेयरपर्सन श्रीमती नीता अम्बानी’ ने गुजरात के ‘कर्जत’ में 100 एकड़ भूमि पर ‘नीता-मुकेश अम्बानी अनंत आश्रय’ बनाने की घोषणा की।
इस टाऊनशिप में अनाथ और दिव्यांगों सहित 5,000 लोगों को जिंदगी भर का आश्रय दिया जाएगा, जहां उन्हें विश्व स्तरीय सेहत देखभाल, सम्मान और उद्देश्यपूर्ण जीवन के अवसर उपलब्ध होंगे।
* 5 नवम्बर को मध्य प्रदेश के ‘मुरैना’ में ‘एम.जी.एम. स्कूल’ के विद्याॢथयों’ ने अपने ‘सोशल सॢवस कैम्प’ के तत्वावधान में चलाए ‘दीवाली सहायता अभियान’ के अंतर्गत 100 से अधिक झुग्गी-बस्तियों में घर-घर जाकर आॢथक रूप से कमजोर परिवारों को मिठाई तथा त्यौहार मनाने का सामान पहुंचाया।
* 5 नवम्बर को ही ‘रायपुर’ में एन.जी.ओ. ‘जन शिक्षण संस्था’ के सदस्यों ने 30 श्रमिक परिवारों को दीवाली के अवसर पर नए कपड़े, राशन और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं प्रदान कीं।
* 6 नवम्बर को ही बिहार के ‘पटना’ में कुपोषण के शिकार बच्चों और महिलाओं के लिए काम करने वाली समाजसेवी संस्था ‘न्यूट्रीहोप फाऊंडेशन’ ने दीवाली की पूर्व संध्या पर 1000 से अधिक जरूरतमंद लोगों को स्वादिष्टï मिठाइयां, पूरी-हलवा, जलेबी तथा अन्य खाद्य वस्तुएं बांटीं।
* महाराष्टï्र के ‘पुणे’ (पिंपरी-ङ्क्षचचवड़)के निकट ‘पिम्पले-सौदागर’ में स्थित ‘डी.वी. जोशी चैरिटेबल फाऊंडेशन’ द्वारा महाराष्टï्र के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार ‘दीवाली दान उत्सव’ का आयोजन करके साधन-सम्पन्न लोगों से कपड़े तथा अनाज इकट्ठा करके विभिन्न बस्तियों में जरूरतमंदों को बांटा गया।
* इनके अलावा अनेक संस्थाएं अपने-अपने स्तर पर अनाथालयों तथा वृद्धाश्रमों आदि में रहने को मजबूर अनाथ बच्चों के लिए रंगबिरंगे कपड़े, मिठाइयां तथा बुजुर्गों के लिए आवश्यक सामान लेकर पहुंच रही हैं।
* उत्तर प्रदेश के अमेठी में एक गरीब और बेसहारा परिवार जिसने अपने मुखिया को खो दिया, की मदद के लिए गुजरात के एक समाजसेवी ने आर्थिक सहायता के अलावा दीवाली से ठीक पहले उस परिवार के बच्चों के लिए नए कपड़े, राशन और जरूरत का सामान पहुंचाया।
ऊपर दी गई खबरें हमें याद दिलाती हैं कि दीवाली सिर्फ अपने घरों में दीपक जलाने का ही पर्व नहीं, बल्कि दूसरों की यथासम्भव पीड़ा दूर करने और उनके चेहरों पर मुस्कान लाने का पर्व भी है।
अपने पाठकों के लिए इस दीवाली पर आने वाले वर्षों में शांति, सुख, समृद्धि की कामना करते हुए हम प्रार्थना करते हैं कि सब पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की कृपा बनी रहे और सब उनके आदर्शों पर चलने में समर्थ हों।




