अंतर्राष्ट्रीय

मुरीदके कैंप तबाह, जैश-ए-मोहम्मद के बाद लश्कर कमांडर का ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा खुलासा

भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने मुरिदके में लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ ध्वस्त कर दिया. खुद आतंकी कमांडर ने मलबे में खड़े होकर कबूलनामा किया. पाकिस्तान के झूठ बेनकाब, हाफिज सईद जुटा रहा चंदा. पहलगाम हमले का भारत ने दिया था करारा जवाब.

 भारत और पाकिस्तान के बीच अक्सर गोलीबारी, बयानबाजा और कूटनीति के मोर्चे पर टकराव होता है. लेकिन इस बार कहानी कुछ और थी. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्ट्स पर हमला हुआ, 26 लोग मारे गए. इसके बाद भारत ने सिर्फ जवाब नहीं दिया, बल्कि ऐसा झटका दिया जिसने आतंकी संगठनों के हेडक्वार्टर तक को हिला कर रख दिया. इस जवाबी कार्रवाई का नाम था, ऑपरेशन सिंदूर.

India Operation Sindoor Destroys Muridke Camp: मुरिदके का सच – खुद लश्कर ने कबूला

7 मई को हुए इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने लश्कर-ए-तैयबा का सबसे बड़ा अड्डा ‘मार्कज-ए-तैयबा’ मुरिदके (पंजाब, पाकिस्तान) में तबाह कर दिया. अब तक पाकिस्तान कहता रहा कि यह जगह तो मदरसा और चैरिटी सेंटर है. लेकिन अब लश्कर का टॉप कमांडर कासिम खुद वीडियो में खड़ा होकर कह रहा है कि “मैं मार्कज-ए-तैयबा के मलबे के सामने खड़ा हूं. यह हमला ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुआ. यहां से बड़े-बड़े नाम निकले, ट्रेनिंग पाई और फतेह हासिल की.” यानी पाकिस्तान के झूठ को उसके अपने आदमी ने ही एक्सपोज कर दिया.

मार्कज-ए-तैयबा – आतंकी यूनिवर्सिटी

साल 2000 में बने इस कैंप को आतंकी संगठन की सबसे बड़ी ट्रेनिंग यूनिवर्सिटी माना जाता है. यहां दौरा-ए-सुफ्फा प्रोग्राम चलता था, जिसमें दीन की बातें और जिहादी ट्रेनिंग साथ-साथ दी जाती थी. कमांडर कासिम का दूसरा वीडियो बताता है कि इस कैंप को लेकर कितनी गंभीरता है. वह युवाओं से अपील करता है कि “आओ और जुड़ो.”

फंडरेजिंग का नया बहाना

एनआई की रिपोर्ट कहती है कि इस हमले के बाद हाफिज सईद (26/11 मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड) अब मार्कज को फिर से बनाने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान सरकार ने 4 करोड़ पाकिस्तानी रुपये मंजूर किए. लेकिन लश्कर को चाहिए पूरे 15 करोड़. जिम्मेदारी मौलाना अबू जर और यूनुस शाह बुखारी को दी गई है. वैसे ये पहली बार नहीं है. 2005 के भूकंप के बाद भी लश्कर ने राहत सामग्री और फंड को आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में झोंक दिया था.

पहलगाम हमला और भारतीय जवाब

22 अप्रैल को पहलगाम की बैसारन वैली में लश्कर के आतंकियों ने हमला कर 26 निर्दोष पर्यटकों को मार डाला. इसके बाद भारत ने तय किया कि खेल अब सीमा पर नहीं, बल्कि वहीं खेला जाएगा जहां से साजिश रची जाती है. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में 9 बड़े आतंकी ठिकाने उड़ा दिए. इनमें जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर हेडक्वार्टर और लश्कर का मुरिदके हेडक्वार्टर मुख्य थे. IAF ने वीडियो जारी कर दिखाया कि किस तरह पूरी इमारतें और कमांडरों के ऑफिस मलबे में तब्दील हुए.

बड़े आतंकी साफ

इस ऑपरेशन में कई बड़े आतंकी भी ढेर हो गए जिसमें शामिल थे यूसुफ अजहर, IC-814 हाईजैकिंग का गुनहगार, अबु जुंदल, मुरिदके का चीफ और 2016 के नागरोटा हमले का प्लानर का बेटा. कह सकते हैं कि दर्जनभर टॉप आतंकियों का सफाया हुआ. यह ऑपरेशन सिर्फ आतंकी ढांचे को खत्म करने भर नहीं था. यह पाकिस्तान की सरकार और आर्मी की सालों पुरानी झूठी कहानी को भी उजागर करने वाला था. जो जगह वो दुनिया के सामने ‘मदरसा और स्कूल’ बताते थे, वह असल में आतंक की यूनिवर्सिटी थी. अब उनके अपने कमांडर का कबूलनामा सोशल मीडिया पर खूब तैर रहा है.

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