सीधे नहीं उल्टे पांव चलें , डॉ की बात जान हिल जाएगा दिमाग, Reverse walking से कम होगा गंभीर बीमारियों का खतरा

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए वॉक करना सबसे प्रभावी और आसान व्यायाम है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ सीधा ही नहीं बल्कि उल्टा चलने के भी कई फायदे हैं।
जी हां, रिवर्स वॉकिंग यानी पीछे की ओर चलने से हमारे शरीर और दिमाग पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। वैज्ञानिकों (Ref) ने बताया है कि उल्टा चलने से हमारे वजन को कम करने में मदद मिलती है। इससे हमारे शरीर के मसल्स एक्टिव होते हैं और शरीर का बैलेंस भी बेहतर होता है।
आगे बढ़ने की बजाय अगर हम पीछे की तरफ चलते हैं तो हमारे दिमाग की एकाग्रता बढ़ती है और कार्य क्षमता में सुधार होता है। एंजायटी, डिप्रेशन और तनाव से परेशान लोगों को रिवर्स वॉकिंग जरूर करनी चाहिए। जिन लोगों को घुटने में दर्द और कमर दर्द की समस्या होती है। उन्हें रिवर्स वॉकिंग करने से दर्द से राहत मिलती है। यह हमारे बैलेंस और मूवमेंट को सुधारता है।
रिवर्स वॉकिंग एक बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज है। यह हमारे दिल की सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इससे हार्ट की मसल्स मजबूत होती हैं और ब्लड फ्लो बेहतर होता है। यह हमारे ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने में फायदेमंद है। रिवर्स वॉकिंग से वजन भी कंट्रोल में रहता है। यह हमारे शरीर की कैलोरी बर्न करने की क्षमता को बेहतर बनाता है। नियमित रूप से रिवर्स वॉकिंग करने से ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है और दिल की सेहत में सुधार होता है।
आमतौर पर लोगों को आगे की तरफ चलने की आदत होती है, लेकिन इसके विपरीत जब आप पीछे की ओर चलते हैं तो आपका शरीर संतुलन बनाना सीख जाता है। रिवर्स वॉकिंग से मांसपेशियों के रिस्पांस करने की क्षमता बढ़ती है। इससे बुजुर्ग लोगों के गिरने का खतरा भी कम होता है। रिवर्स वॉकिंग से मस्कुलर कंट्रोल बेहतर होता है। यह पूरे शरीर के समन्वय और संतुलन को बेहतर बनाता है।
रिवर्स वॉकिंग करने से हमारा मन एक्टिव हो जाता है, जिससे रिवर्स वॉकिंग करने से हमारा दिमाग बिल्कुल अलर्ट हो जाता है। इससे सोचने और समझने की क्षमता में सुधार होता है। जब हम पीछे की ओर चलते हैं तो हमारा दिमाग संतुलित और सावधान हो जाता है, जिससे मस्तिष्क का कंसंट्रेशन बढ़ता है। इससे न्यूरोलॉजिकल हेल्थ बेहतर होती है और उम्र संबंधी रोगों का खतरा, जैसे डिमेंशिया भी घटता है। रिवर्स वॉकिंग मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी है। यह डिप्रेशन और तनाव जैसी समस्या को भी कम करता है।
आगे की तुलना में वाॅक करने की अपेक्षा पीछे की ओर वॉक करना ज्यादा प्रभावशाली है। रिवर्स वॉकिंग करने से शरीर की मसल्स जैसे ग्लूट मसल्स और हैमस्ट्रिंग का अधिक इस्तेमाल होने की वजह से अधिक कैलरी बर्न होती है। यह हमारे मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है और फैट को जलाने में भी मदद करता है। नियमित रूप से रिवर्स वॉकिंग करने से हमारी मसल्स मजबूत होती है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है।
रिवर्स वॉकिंग करने से हमारा मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। डिप्रेशन या तनाव की स्थिति में यह हमें रिलैक्स करता है। रिवर्स वॉकिंग करने से हमारे शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है, जो मूड को अच्छा बनाता है और एंजायटी, तनाव, डिप्रेशन जैसे समस्या को कम करता है। यह हमारे शरीर में ऊर्जा स्तर को बढ़ाता है, जिससे हम किसी भी काम को एनर्जेटिक होकर कर पाते हैं। दिमाग को अधिक कुशल बनाने के लिए रिवर्स वॉकिंग जरूर करना चाहिए।
रिवर्स वॉकिंग करने से हमारे पैरों की मसल्स मजबूत होती हैं। यह हमारे जॉइंट्स और घुटनों पर पड़ने वाले दबाव को भी कम करता है। जिन लोगों को गठिया या जोड़ों के दर्द की समस्या होती है। उन्हें रिवर्स वॉकिंग करने से काफी राहत मिलती है। रिवर्स वॉकिंग हैमस्ट्रिंग और ग्लूट्स की ताकत को बढ़ाता है। यह किसी भी चोट से जल्दी उभारने में भी हमारी मदद करता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।




