अंतर्राष्ट्रीय

ब्रिटेन-कनाडा सहित इस देश ने फिलिस्तीन को दिया स्वतंत्र राष्ट्र का दर्जा

ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की घोषणा की. ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कदम का मकसद फलस्तीनियों और इजराइलियों के बीच शांति की उम्मीदों को जिंदा रखना है. वहीं फिलिस्तीन को मान्यता देने से अमेरिका और इजराइल ने कड़ी नाराजगी जताई है.

ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया के बाद रविवार को कनाडा ने फिलिस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता दे दी. हालांकि इजराइल और अमेरिका ने इसका कड़ा विरोध किया है. वहीं कनाडा ने इस उम्मीद के साथ फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दी है कि यह कदम दो राष्ट्रों के समाधान के आधार पर शांति स्थापित करने के रास्ते खोलेगा. प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घोषणा की है कि कनाडा ने फिलिस्तीन राष्ट्र को मान्यता दे दी है. उन्होंने जुलाई के अंत में ही कहा था कि वह ऐसा करेंगे, क्योंकि कई पश्चिमी देश गाजा में बढ़ते युद्ध से तंग आ चुके हैं. यह कदम इस सप्ताह होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा से पहले उठाया गया है. उम्मीद की जा रही है कि फ्रांस समेत कुछ और देशों भी फलस्तीनी राष्ट्र को राष्ट्र की मान्यता दे सकते हैं.

ब्रिटेन ने फिलिस्तीन राष्ट्र को मान्यता दी

ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने अमेरिका और इजराइल के कड़े विरोध के बावजूद रविवार को ब्रिटेन की ओर से फिलिस्तीन राष्ट्र को मान्यता देने की पुष्टि की है. उन्होंने इन संबंध में कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के बाद यह घोषणा की. इस कदम को राष्ट्रमंडल देशों की समन्वित पहल के रूप में देखा जा रहा है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कदम का मकसद फलस्तीनियों और इजराइलियों के बीच शांति की उम्मीदों को जिंदा रखना है. हालांकि, उन्होंने कहा कि यह हमास के लिए कोई तोहफा नहीं है. स्टॉर्मर ने इस बात पर जोर दिया है कि फलस्तीन में भविष्य के शासन में हमास की कोई भूमिका नहीं होगी और उसे सात अक्टूबर 2023 के हमलों के दौरान अगवा किए गए इजराइली बंधकों को रिहा करना होगा.

अमेरिका इजराइल को झटका

फिलिस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता देने के कदम से इजराइल और अमेरिका नाराज हैं. दोनों का कहना है कि इससे हमास और चरमपंथियों को बढ़ावा मिल सकता है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को चेतावनी देते हुए कहा था कि कनाडा की घोषणा से अमेरिका के लिए अपने उत्तरी पड़ोसी के साथ व्यापार समझौता करना ‘बहुत मुश्किल हो जायेगा’. फिलिस्तीन राष्ट्र को औपचारिक रूप से मान्यता देने का दबाव तब बढ़ गया है जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की थी कि उनका देश सितम्बर में ऐसा करने वाली पहली प्रमुख पश्चिमी ताकत बन जायेगा.

145 से अधिक देश दे चुके हैं मान्यता

फिलिस्तीन राष्ट्र को 145 से अधिक देश पहले से ही मान्यता दे चुके हैं, जिनमें यूरोप के 12 से अधिक देश शामिल हैं. हालांकि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार ने द्वि-राष्ट्र समाधान को अस्वीकार कर दिया है. इजराइल का हमला भी लगातार जारी है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 23 महीनों में इजराइली बमबारी से गाजा में 65,100 से अधिक लोग मारे गए हैं.

पश्चिमी एशिया पर फ्रांस और ब्रिटेन की रही है खासी भूमिका

बीते एस सौ सालों के इतिहास पर नजर दौड़ाएं तो पश्चिम एशिया की राजनीति में ब्रिटेन और फ्रांस की ऐतिहासिक भूमिका रही है. प्रथम विश्व युद्ध में ओटोमन साम्राज्य की हार और पतन के बाद दोनों देशों ने इस क्षेत्र का विभाजन किया था. इस विभाजन के परिणामस्वरूप, तत्कालीन फलस्तीन पर ब्रिटेन का शासन स्थापित हुआ. ब्रिटेन ने ही 1917 में बैल्फोर घोषणा पत्र भी तैयार किया था, जिसमें यहूदी लोगों के लिए एक राष्ट्र की स्थापना का समर्थन किया गया था.

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