राजनीति

ठाणे में मेयर पद पर सियासत, BJP ने रखा ढाई-ढाई साल का फॉर्म्युला, क्या राजी होंगे शिंदे?

 ठाणे : मुंबई के बाद ठाणे में भी मेयर पद को लेकर महायुति में खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं। महायुति में शामिल उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और BJP ने 131 में से 103 सीटें जीती हैं। बहुमत का आंकड़ा पार करने वाली शिंदे सेना को 75 सीटें मिली हैं। वहीं, दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी BJP को 28 सीटें मिली हैं। शिंदे सेना जहां मनपा में अपना मेयर बैठाने वाली है, वहीं BJP नेताओं ने ढाई-ढाई साल के लिए मेयर का पद दिए जाने की मांग की है।

BJP ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उन्हें ठाणे महानागर पालिका में सम्मान नहीं मिला तो वे ठाणेकरों के फायदे और चुनाव में किए गए वादों को पूरा करने के लिए समय पड़ने पर अलग भूमिका में दिख सकते हैं।

दबाव की राजनीति

महाराष्ट्र में और ठाणे जिले में BJP की बढ़ी राजनीतिक ताकत से अब BJP के हौसले बुलंद हुए हैं। BJP की बढ़ी सीटों को लेकर ठाणे में एक तरह से शिंदे सेना पर दवाब बनाए जाने का माहौल भी देखने को मिल रहा है। इसके मद्देनजर ठाणे में लगा एक बैनर खूब चर्चा में है। इस बैनर में मराठी में लिखा है, ‘रवि दादा के नेतृत्व में-दिवा शील से वडवली तक बढ़ी बीजेपी’, यहां रवि दादा का मतलब राज्य के BJP अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण से है।

क्या बोली बीजेपी

इस संबंध में कोकण विभागीय स्नातक सीट के विधायक और मनपा चुनाव प्रभारी रहे निरंजन डावखरे ने कहा कि चुनावी नामा में ठाणेकरों से जो वादा किया गया है, उसे पूरा करने के लिए तथा पारदर्शी कार्य के लिए BJP को प्रमुख पद मिलना जरूरी है, नहीं तो हमारे पास चौकीदार की भूमिका का विकल्प रहेगा। डावखरे ने कहा कि मेयर को एक साल का समय काम को समझने में चला जाता है इसलिए कम से काम ढाई साल का समय मिलना जरूरी है और तभी वह ठाणे के लोगों को न्याय दे सकता है।

मनपा के 131 सीटो में से शिंदे शिवसेना ने 79, BJP ने 39 सीटो पर उम्मीदवार उतारे थे। पिछली बार BJP के 23 नगरसेवक थे इस बार 5 सीटों की बढ़ोतरी हुई है।

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