ब्याज दरें लंबे समय तक रहेंगी कम, RBI गवर्नर ने दिए और कटौती के संकेत

एजेंसियां — मुंबई, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि अर्थव्यवस्था इस समय अच्छी स्थिति में है, खुदरा मुद्रास्फीति की दर नीचे बनी हुई है और इसे देखते हुए आने वाले लंबे समय तक ब्याज दरें निचले स्तर पर बनी रहेंगी। श्री मल्होत्रा ने यहां मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की द्विमासिक बैठक के बाद संवाददाताओं के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि हम अच्छी स्थिति में हैं, मुद्रास्फीति, विशेषकर कोर मुद्रास्फीति, कम बनी हुई है। लंबे समय तक नीतिगत दरें निचले स्तर पर रहेंगी। इसमें और कमी होगी या नहीं, यह मैं एमपीसी पर छोड़ता हूं। मल्होत्रा के संकतों से लगता है कि रेपो रेट आने वाले समय में और कम हो सकता है। इससे ब्याज दरें तो की होंगी ही, एफडी पर ब्याज घटने से सेविंग करने वालों को झटका लग सकता है। एमपीसी की बैठक में सर्वसम्मति से रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया गया।
समिति ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान 7.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया। डिजिटल बैंकिंग माध्यमों से धोखाधड़ी के शिकार लोगों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ग्राहकों को 25 हजार रुपए तक वापस करने का प्रस्ताव किया है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि इसके लिए जल्द ही केंद्रीय बैंक एक फ्रेमवर्क जारी करेगा। इसमें 50 हजार रुपए या उससे कम की धोखाधड़ी के मामलों को शामिल किया जाएगा।




