लड़की ने छोड़ी लाखों की नौकरी, स्वेदश लौटकर बनी नर्स…

हर इंसान की उसके देश के प्रति बड़ी जिम्मेदारी होती है. जिससे वो बच नहीं सकता. हालांकि, कई लोग ऐसे भी होते हैं जो देश को छोड़कर बाहर चले जाते हैं और अपने देश को भूल जाते हैं. यूक्रेन की एक नागरिक भी नौकरी करने के लिए अमेरिका चली गई थी जहां उसकी लाखों की नौकरी थी. वो एक बैंकर थी. अच्छे पैसे, महंगी गाड़ियों में घूमना उसका रोज का काम था. मगर जब उसका देश जंग में कूदा और उसके लोग मरने लगे, घायल होने लगे, तो उसने अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए स्वदेश लौटने का फैसला किया. वहां जाकर वो नर्स बन गई और घायल सैनिकों की देखभाल करने लगी.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार ये कहानी 25 साल की विक्टोरिया (Viktoriia Honcharuk) की है. जब वो 22 साल की थीं, तब वो अमेरिका में मॉर्गन स्टैंली कंपनी में इंवेस्टमेंट बैंकिंग एनालिस्ट थीं. उन्होंने अमेरिकी मिडटाउन में एक अपार्टमेंट खरीद लिया था, उनका एक बॉयफ्रेंड था जो उनसे बहुत प्यार करता था. वो अक्सर मैनहैटन के फेमस रेस्टोरेंट्स में खाने-पीने जाती थीं और बड़े-बड़े पदों पर बैठे लोगों के साथ उनका उठना-बैठना था.
नौकरी छोड़कर युद्ध में हो गईं शामिल
पर जब रूस और यूक्रेन का युद्ध छिड़ा तो वहां के नजारे देखकर उनका मन बेचैन होने लगा. दिसंबर 2022 में, सिर्फ 2 हफ्ते के अंदर वो अपनी अमीरों वाली जिंदगी छोड़कर यूक्रेन चली गईं और वहां जाकर घायल सैनिकों की सेवा करने लगीं. उन्होंने फर्स्ट एड करना सीखा, और फिर वॉर जोन में शामिल हो गईं. बीते 3 साल से वो यूक्रेन में ही हैं और कॉम्बैट नर्स बनकर काम कर रही हैं. उन्होंने सैकड़ों घायल मरीजों की देखभाल की जिनमें से किसी ने पैर खो दिया तो किसी ने आंख. कुछ मौके तो ऐसे भी आए जब विक्टोरिया की जान पर बन आई और वो हमले में मरते-मरते बचीं. एक बार तो वो एक इमारत खाली करवा रही थीं, जब बम उसी बिल्डिंग पर आकर गिरा.
अपने अनुभवों को सोशल मीडिया पर करती हैं शेयर
विक्टोरिया कई मौतें देखी हैं और लोगों का अंतिम संस्कार भी किया है. उन्होंने अपने तीन बेहद जिगरी दोस्तों का भी अंतिम संस्कार किया. पर उसके बावजूद भी वो मजबूत बनी रहीं. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इतना कुछ देखा तो फौरन समझ लिया कि उन्हें जीवन का मकसद मिल गया है, देश की सेवा. वो युद्ध से जुड़े अपने अनुभव को इंस्टाग्राम पर रिकॉर्ड करती रहती हैं. इस तरह वो दूसरों को भी यु्द्ध में भाग लेने के लिए प्रेरित करती हैं. कई लोगों ने इतनी अच्छी नौकरी छोड़कर ये काम करने के लिए उन्हें पागल कहा. पर उनका कहना है कि अगर वो नौकरी करती रहतीं, तो वो खुद के साथ नहीं रह पातीं.




