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झारखंड विधानसभा घेराव मामले में एक्शन, रांची में 100 नामजद समेत 600 प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज

रांची। विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प के मामले में रांची पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

इसमें करीब 100 लोगों को नामजद और 500 अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है। पुलिस की ओर से सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों से नोकझोंक, धक्का-मुक्की, बदसलूकी और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।

प्राथमिकी में प्रदर्शनकारियों पर पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और पत्थरबाजी करने का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार पत्थर लगने से कई जवान घायल हुए।

इसी घटनाक्रम से संबंधित लालपुर थाना में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला आठ अगस्त को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) झारखंड की ओर से निकाले गए मार्च के दौरान सरकारी कार्य में बाधा और अनुशासनहीनता के आरोप में दर्ज हुआ है।

आवेदन डॉ. तनवीर अख्तर ने दिया है। वह पिस्का मोड़ स्थित प्रभारी वरीय पशु चिकित्सा एवं पशुपालन पदाधिकारी हैं। आवेदन के अनुसार आठ अगस्त को सदर अनुमंडल कार्यालय के आदेश पर डॉ. अख्तर को मोरहाबादी मैदान में मजिस्ट्रेट के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था।

वह पुलिस पदाधिकारियों और जवानों के साथ मार्च के साथ चल रहे थे। मार्च को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के रांची गेट के पास रोक दिया गया। इसी दौरान तेज बारिश शुरू होने पर कुछ लोग इधर-उधर भागने लगे और आरोप है कि बांस-बल्लियों की बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए।

जबरन चढ़ गए प्रदर्शनकारी

बाद में मार्च को सिद्धू-कान्हू मोड़ के पास रोक दिया गया। पुलिस द्वारा कुछ लोगों को सरकारी वाहन में बैठाकर ले जाने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी वाहन रोकने के लिए जबरन उस पर चढ़ गए और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे।

करीब आधे घंटे बाद बाकी लोग नारेबाजी करते हुए वहां से चले गए। वहीं, सोमवार को मुख्यमंत्री आवास घेराव के दौरान भाजपा के करीब 102 नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।

बाद में सभी को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया। पुलिस के अनुसार भाजपा नेताओं के खिलाफ अभी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।

मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें भाजपा के सभी बड़े नेताओं का नाम सामने आया है।

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