एकनाथ शिंदे की सेना में शामिल होने वाले यूबीटी सांसदों पर भड़के अन्ना हजारे, बोले- पार्टियां बदलना सही नहीं

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका देते हुए उनके दल के 6 लोकसभा सांसदों ने पाला बदल लिया है। ये सभी सांसद आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इस बड़े दलबदल के बाद पूरे राज्य के राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस छिड़ गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने बेहद कड़े शब्दों में नाराजगी जताई है। उन्होंने दलबदल करने वाले जनप्रतिनिधियों की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह बार-बार पार्टियां बदलना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।
पार्टियां बदलने वाले नेताओं पर क्या बोले अन्ना हजारे
अन्ना हजारे ने कहा कि पार्टियां बदलने से राजनीति में वफादारी, विचारधारा और आदर्शवाद पर गंभीर सवाल उठते हैं। आज की राजनीति में न कोई विश्वास बचा है, न वफादारी और न ही कोई आदर्शवाद। जो लोग देश और समाज के लिए काम करने का सच्चा जज्बा रखते हैं, वे कभी अपनी पार्टी नहीं बदलते। कुछ लोग सिर्फ और सिर्फ अपने निजी स्वार्थ के लिए ऐसा कदम उठाते हैं।
पार्टियां बदलना सही नहीं है। पार्टियां बदलने से राजनीति में वफादारी, विचारधारा और आदर्शवाद पर सवाल उठते हैं।
अन्ना हजारे
अन्ना हजारे ने दी आंदोलन की चेतावनी
अन्ना हजारे ने न केवल दलबदल की राजनीति पर निशाना साधा है, बल्कि उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) कानून में किए गए बदलावों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी दी है कि अगर आरटीआई नियमों में संशोधन वापस नहीं लिए गए, तो वे 5 जुलाई से राज्य सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। अन्ना हजारे के इस रुख ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और शिंदे सरकार पर भारी दबाव बना दिया है। जहां एक तरफ एकनाथ शिंदे 6 सांसदों के आने से अपनी ताकत बढ़ने का दावा कर रहे हैं, वहीं अन्ना हजारे के कड़े तेवरों ने महाराष्ट्र सरकार की भी टेंशन बढ़ा दी है।




