बागपत पुलिस की 50 हजार के इनामी खूनी के साथ मुठभेड़, मेरठ में इलाज के दौरान मौत

मेरठ: मेरठ एसटीएफ और बागपत पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार को बागपत के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान 50 हजार का इनामी बदमाश विपुल उर्फ खूनी गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मुठभेड़ के बाद STF ने मौके से दो 32 बोर की पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और खोखे तथा एक अपाचे बाइक बरामद की गई।
एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह के अनुसार, घायल बदमाश की पहचान विपुल उर्फ खूनी ग्राम भभीसा, थाना कांधला जिला शामली के रूप में हुई है। वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और शामली पुलिस द्वारा इस पर 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। बताया गया कि बिपुल कुख्यात सुशील मूंछ गैंग का सक्रिय सदस्य और शार्प शूटर था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य जिलों में हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, गैंगस्टर, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट सहित तीन दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
ये है मामला
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2014 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर शामली के एलम गांव में कुख्यात अपराधी भीम भभीसा की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस वारदात में उसके रिश्तेदार सुमित और अमित का भी नाम सामने आया था। इसके बाद वर्ष 2017 में सहारनपुर के मानपुर क्षेत्र में वाहन लूट की घटना को अंजाम देने के बाद उसने पुलिस को सूचना देने के शक में तत्कालीन महिला प्रधान की घर में घुसकर अपने साथियों के साथ हत्या कर दी थी। यह मामला भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी चर्चित रहा।
विपुल खूनी पर वर्ष 2014 में भभीसा निवासी पवन की हत्या का मुकदमा भी चल रहा है। इस मामले में वह जमानत पर बाहर आने के बाद लगातार कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था, जिसके चलते उसके खिलाफ वारंट जारी हो चुके थे। पुलिस के अनुसार हाल ही में उसने इसी मुकदमे के वादी पक्ष से केस में हुए खर्च के नाम पर रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में थाना कांधला में बीएनएस की धारा 308(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी प्रकरण में उस पर शामली पुलिस द्वारा 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस ने सर्च अभियान चलाया
एसटीएफ और स्थानीय पुलिस को सूचना मिली थी कि विपुल क्षेत्र में किसी वारदात की फिराक में घूम रहा है। घेराबंदी किए जाने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। बिपुल के अन्य साथियों की तलाश में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया।
36 से अधिक मुकदमे दर्ज
एसपी बागपत सूरज राय अनुसार विपुल खूनी के खिलाफ शामली, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, दिल्ली समेत कई जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, लूट, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के कुल 36 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।




