दूसरे चरण के लिए किले में तब्दील बंगाल, 2.3 लाख से अधिक CAPF जवान और 38 हजार राज्य पुलिसकर्मी तैनात

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान बुधवार को सात जिलों के 142 विधानसभा क्षेत्रों में होगा। इस चरण को लेकर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। भारतीय चुनाव इतिहास में शायद ही कभी किसी राज्य में इतनी भारी सुरक्षा तैनाती देखी गई हो।
चुनाव आयोग की सख्ती और अतीत की हिंसा को देखते हुए पूरे क्षेत्र को लगभग किले में तब्दील कर दिया गया है। कुल 2.3 लाख से अधिक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान और 38,297 राज्य पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 142 सामान्य पर्यवेक्षक, 95 पुलिस पर्यवेक्षक, 100 व्यय पर्यवेक्षक और एनआईए की विशेष टीमें भी संवेदनशील बूथों पर नजर रख रही हैं।
72 घंटों के भीतर, चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत 2,348 कथित उपद्रवियों को जेल भेजा गया है, जिनमें पानीहाटी और बर्दवान के टीएमसी पार्षद भी शामिल हैं। इसके अलावा 653 गैर-जमानती वारंट जारी किए गए।
कोलकाता में सुरक्षा बलों की तैनाती सबसे अधिक हुई है। केंद्रीय बलों की 274 कंपनियां – 22,500 जवान – 7,250 शहरी पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर 1,961 परिसरों में फैले 5,172 बूथों की सुरक्षा करेंगी, जो शहर में अब तक की सबसे अधिक तैनाती है।
पूर्वी बर्दवान (263 कंपनियां) और हुगली ग्रामीण (236) क्षेत्रों में भी भारी संख्या में बल तैनात किया गया है, जो अतीत में हुई तनावपूर्ण स्थितियों और जोखिम आकलन को दर्शाता है।
41,001 बूथों में से लगभग 12,000 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है। अतिरिक्त सीएपीएफ त्वरित प्रतिक्रिया दल दक्षिण 24 परगना के भांगर, कैनिंग, फाल्टा और सोनारपुर तथा पूर्वी बर्दवान के नादनघाट और केतुग्राम में तैनात किए जाएंगे। सुरक्षा योजना को निर्वाचन क्षेत्रवार तैयार किया गया है, जिसमें संवेदनशील क्षेत्रों और भीतरी इलाकों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पूर्वी बर्दवान (263 कंपनियां) और हुगली ग्रामीण (236) क्षेत्रों में भी भारी संख्या में बल तैनात किया गया है, जो अतीत में हुई तनावपूर्ण स्थितियों और जोखिम आकलन को दर्शाता है।
41,001 बूथों में से लगभग 12,000 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है। अतिरिक्त सीएपीएफ त्वरित प्रतिक्रिया दल दक्षिण 24 परगना के भांगर, कैनिंग, फाल्टा और सोनारपुर तथा पूर्वी बर्दवान के नादनघाट और केतुग्राम में तैनात किए जाएंगे। सुरक्षा योजना को निर्वाचन क्षेत्रवार तैयार किया गया है, जिसमें संवेदनशील क्षेत्रों और भीतरी इलाकों पर विशेष ध्यान दिया गया है।




