संपादकीय
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अब ‘अति पिछड़े’
पिछड़े, अंतत:, पिछड़े ही रहे हैं और संभवत: इसी हाल में रहेंगे। वे कभी अगड़े नहीं बन सकते, क्योंकि सरकारें ऐसा…
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लद्दाख कितना ‘जेन जी’
लेह-लद्दाख जैसे शांत और शीतल क्षेत्र में अचानक आगजनी, पत्थरबाजी, सरकारी वाहनों का दहन और उत्तेजित-भडक़ाऊ नारे…! अचानक यह हिंसक माहौल…
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नीतीशे सरकार, भ्रष्टाचार की बहार!
हम एक मुद्दत से बिहार के चुनावी हालात का विश्लेषण करना चाह रहे थे। बिहार में संभवत: नवम्बर में विधानसभा चुनाव…
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