लेख
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भगत सिंह की कहानी; कैसे शुरू हुआ क्रांतिकारी बनने का सफर, किन घटनाओं ने बदली उनकी सोच?
भगत सिंह की जयंती पर उनके 23 साल के उस सफर को याद करना जरूरी है, जो बचपन और परिवार…
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भारत में सच्चे संतों की कमी नहीं!
बाबा नीब करौरी के जीवन के पूर्वाद्र्ध पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने देश-विदेश के सनातनधर्मियों के हृदय को स्पर्श…
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चुनाव आयोग में एकतरफा फैसलों के लिए कोई जगह नहीं
एक साल से भी अधिक समय से, मैं मतदाता सूचियों के ‘विशेष सघन पुनरीक्षण’ (एस.आई.आर.) के बारे में आलोचनात्मक रूप…
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परिस्थितियां ही किसी देश की राजनीति को दिशा देती हैं
जिन परिस्थितियों से कोई देश गुजर रहा होता है, उस देश की राजनीति उसी सांचे में ढल जाती है। जैसे-जैसे…
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एस.आई.आर. की सफाई में फंसते मतदाता!
चुनावी लोकतंत्र की रीढ़ मतदाता सूची है। जब वह शुद्ध हो, तब लोकतंत्र भी मजबूत होता है। लेकिन जब शुद्धिकरण…
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प्राथमिक शिक्षा पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता
अधिकांश पश्चिमी देश प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता पर बहुत जोर देते हैं और छोटे बच्चों को ‘राष्ट्रीय संपत्ति’ मानते हैं।…
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सरकारी स्कूलों में सुधार एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना
केरल को छोड़कर, शायद, भारतीय राजनेता अपने निर्वाचन क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की तीसरे दर्जे की हालत से कभी भयभीत…
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जेन जी : भाजपा को धार अभी पैनी करनी होगी
पहले पंजाब विश्वविद्यालय और शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) के चुनाव नतीजे आने के बाद भले ही भारतीय जनता…
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भारत के लिए क्यों बढ़ी ट्रंप की नई टैरिफ शक्ति की चिंता? हताशा की प्रतिक्रिया से उपजी चुनौतियां
आम अमेरिकियों को यह चिंता सता रही है कि अमेरिका में आहूत मध्यावधि चुनाव एक डरावना सच न साबित हो…
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बुजुर्गों-दिव्यांगों को चाहिए सुदृढ़ नीति
समय की मांग है कि भारत देखभाल को एक संगठित सामाजिक व्यवस्था और सम्मानजनक व्यवसाय का स्वरूप दे। इसके लिए…
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