लेख
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जनसंख्या समस्या का एक नया समाधान ‘एस.आई.आर.’
दशकों तक भारत जनसंख्या विस्फोट को लेकर चिंतित रहा। हर जनगणना खतरनाक सुर्खियां लेकर आती थी। पंचवर्षीय योजनाएं थीं, परिवार-नियोजन…
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धरने-प्रदर्शनों का बदलता स्वरूप: क्या आम जनता को राहत मिलेगी?
पंजाब के इतिहास में पिछले कुछ वर्षों के दौरान किसान संगठनों, बेरोजगार युवाओं, सरकारी कर्मचारियों और धार्मिक संगठनों द्वारा अपनी…
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देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज पर सवालिया निशान
भले ही ‘विकसित भारत’ के सपने को हासिल करने का लक्ष्य केवल 2 दशक दूर है लेकिन दुनिया के सबसे…
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सिंधु जल संधि : हेग के फैसले से भारत-पाकिस्तान में नई कानूनी जंग
सिंधु जल संधि पर हेग के फैसले से राजनीतिक और कानूनी लाभ उठाने की पाकिस्तान की उम्मीदों को भारत ने…
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असली देशद्रोही तो मिलावटखोर हैं
रक्षाबंधन अभी गुजरा है। अपने देश की विविधता भी यही है कि यहां लगभग हर रोज कोई न कोई त्यौहार…
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पहाड़ मदद की गुहार नहीं लगा रहे, वे हमारे लिए रो रहे हैं!
पहाड़ों को ढहते हुए देखने में कुछ बहुत ही विचलित करने वाला है। अधिकांश लोगों के लिए पहाड़ एक सुंदर…
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नेपाल में तबाही : मानवीय जिद और प्रकृति का कहर
नेपाल में आई बाढ़ से हुई विध्वंसक तबाही ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। भले ही घटना प्राकृतिक रही…
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यू.पी में महिलाओं को रिझाने में जुटे राजनीतिक दल
2027 में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए सपा, भाजपा और कांग्रेस महिला मतदाताओं तक पहुंचने के लिए…
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सड़कों और फ्लाईओवरों के निर्माण में गुणवत्ता से समझौता क्यों?
पिछले कुछ वर्षों में देश भर में सड़कों के धंसने, फ्लाईओवरों के गिरने और नई-नई बनी सड़कों के जल्दी खराब…
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युवा शक्ति की हिंसा व पुलिस एवं प्रशासन की सक्रियता
देश को सशक्त व समृद्ध बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। छात्र ही देश का भविष्य…
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