लेख
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हम भारत के लोग और हमारी हमेशा रहने वाली जिम्मेदारी
भारत के पहले राष्ट्रपति, डा. राजेंद्र प्रसाद ने 16 मई, 1952 को पहली लोकसभा को संबोधित करते हुए संसद के…
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संविधान लागू करने के लिए 26 जनवरी की तारीख ही क्यों चुनी गई? दिलचस्प है किस्सा…
Republic Day 2026: 2 साल, 11 महीने और 17 दिनों तक लंबे संघर्ष और बहस के बाद 26 नवंबर 1949…
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एक खुले बजट की ओर
बजट की गोपनीयता की रस्म, जो औपनिवेशिक काल के रहस्य में लिपटी हुई है और बदनाम ‘बजट बंकर’ द्वारा दर्शाई…
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‘महिलाओं के विरुद्ध अपराध’ बच्चियों से लेकर दादी अम्मां तक हो रहीं शिकार
प्राचीन काल से मातृ शक्ति पूजक के रूप में प्रसिद्ध हमारे देश में अब नारी जाति पर अत्याचार तथा यौन…
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लोकतंत्र में मताधिकार व नागरिक उत्तरदायित्व
एक वोट अकेला नहीं होता, वह लाखों विचारों के साथ मिलकर परिवर्तन की शक्ति बनता है। इसे आत्मसात करने की…
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‘लोगों की जान से खिलवाड़ करते’ ‘नकली दवाओं’ का धंधा करने वाले!
भारत को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा दवा निर्माता होने के कारण ‘विश्व की फार्मेसी’ भी कहा जाता है। ‘इंडियन…
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शिक्षित लोग क्यों चुनते हैं आतंक की राह
आतंकवाद को अक्सर गरीबी, अशिक्षा और सामाजिक बहिष्कार का परिणाम माना जाता है। लेकिन भारत सहित दुनिया भर के अनुभव…
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डाक नहीं आई
भारतीय लोकतंत्र में डाक व्यवस्था का उसी तरह महत्वपूर्ण स्थान है जिस प्रकार रेलवे का। डाक रुक जाए तो समाज की…
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बोस की प्रेरणा
नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन सर्वोच्च आदर्श और शांति के लिए संघर्ष से भरा रहा है। यह ऐसे नौजवान युवा…
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राहत और सुधार का होगा नया बजट
उम्मीद करें कि एक फरवरी को वित्त मंत्री सीतारमण के द्वारा पेश होने वाला वर्ष 2026-27 का बजट आम आदमी…
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