दिल्ली
दिल्ली क्राइम ब्रांच का एक्शनः उम्रकैद से भागे, फरारी में की ‘सुपारी किलिंग’, 10 साल बाद धरे दोनों सगे भाई

नई दिल्ली: करीब एक दशक से उम्रकैद की सजा से बच रहे दो सगे भाइयों को क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया। इनकी पहचान फिरासत अली (56) और शाहनवाज अली (51) के रूप में हुई है। दोनों को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और झारखंड के गोड्डा से पकड़ा गया। आरोपी फिरासत अली 2006 के मुंबई के चर्चित सुपारी मर्डर में फरार चल रहा था।
- डीसीपी (क्राइम) संजीव यादव के मुताबिक, रघुबीर नगर स्थित पुराने कपड़ों के बाजार में साड़ी खरीदने को लेकर दो परिवारों के बीच 27 सितंबर 1996 को विवाद हुआ।
- आरोपी शाहनवाज ने इश्तियाक अहमद को मारने की धमकी दी।
- शाम करीब 4:30 बजे शाहनवाज ने अपने भाइयों फिरासत अली, अरशद अली और साथी जहांगीर खान के साथ इश्तियाक की चाकू से हत्या कर दी।
- रियासत और डब्बू को भी जख्मी हुए।
- राजौरी गार्डन थाने में केस दर्ज हुआ। सेशन कोर्ट ने 2000 में फिरासत और शाहनवाज को उम्रकैद दी।
- जमानत के बाद दोनों फरार हो गए। फिरासत 2006 में मुंबई के एक सनसनीखेज हत्या के केस में भी वॉन्टेड था।
पुराने कपड़ों का कर रहे थे कारोबार
मुंबई पुलिस ने 2018 में फिरासत को गिरफ्तार किया, जिसे 2021 में बॉम्बे हाई कोर्ट से जमानत मिली। दिल्ली मर्डर में 2023 में फरलो लेकर फिर फरार हो गया। शाहनवाज 2016 से गायब था। क्राइम ब्रांच ने दोनों को 4 जुलाई को दबोचा। दोनों पुराने कपड़ों का व्यापार कर गुजारा कर रहे थे। दोनों को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। फिरासत की गिरफ्तारी की सूचना मुंबई पुलिस को भी दे दी गई है।




