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एनडीए में शामिल होगी डीएमके? आखिरी अड़चन भी हो गई दूर, लोकसभा में 360 का आंकड़ा जल्द हासिल करेगी मोदी सरकार

DMK NDA Alliance News: विपक्षी इंडिया गठबंधन का हिस्सा रही डीएमके के लिए एनडीए में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है. डीएमके के एनडीए में जुड़ने से मोदी सरकार लोकसभा में 2/3 बहुमत यानी 360 वोटों का आंकड़ा पार कर सकती है, जिससे उसके लिए परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे महत्वाकांक्षी विधेयक पारित कराना आसान हो जाएगा.

तमिलनाडु की सियासत में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. यहां द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की वर्षों पुरानी सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने आधिकारिक तौर पर डीएमके नीत सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) से अलग होने का फैसला कर लिया है. इसके बाद अब माना जा रहा है कि अब तक विपक्षी इंडिया गठबंधन का हिस्सा रही डीएमके के लिए एनडीए में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है. डीएमके के एनडीए में जुड़ने से मोदी सरकार लोकसभा में 2/3 बहुमत यानी 360 वोटों का आंकड़ा पार कर सकती है, जिससे उसके लिए परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे महत्वाकांक्षी विधेयक पारित कराना आसान हो जाएगा.

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्लिम लीग यानी IUML ने चेन्नई में आयोजित अपनी जनरल काउंसिल बैठक में 14 प्रस्ताव पारित किए, जिनमें डीएमके गठबंधन से अलग होने का प्रस्ताव भी शामिल था. पार्टी ने साफ किया कि विधानसभा चुनाव के बाद उसने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार को समर्थन दिया था और अब मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में डीएमके गठबंधन में बने रहना संभव नहीं है.

DMK को क्यों लगा झटका?

आईयूएमएल लंबे समय से डीएमके की भरोसेमंद सहयोगी मानी जाती रही है. हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष केएम खादर मोहिदीन ने कहा कि विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में आईयूएमएल को जो राजनीतिक सफलता मिली, वह डीएमके गठबंधन के साथ रहते हुए मिली थी. इसके बावजूद पार्टी ने टीवीके सरकार को समर्थन देने का फैसला किया.

उन्होंने कहा कि टीवीके को समर्थन देने के पीछे कोई राजनीतिक सौदेबाजी नहीं थी. पार्टी का मकसद केवल यह सुनिश्चित करना था कि तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन की नौबत न आए. बाद में आईयूएमएल विधायक एएम शाहजहां को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री भी बनाया गया.

डीएमके को छोड़ टीवीके के साथ कांग्रेस

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से पीछे रह गई. इसके बाद कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल ने उसे समर्थन देकर सत्ता तक पहुंचने का रास्ता साफ किया.

कांग्रेस का टीवीके के साथ जाना और उसके बाद आईयूएलएल का डीएमके गठबंधन छोड़ना, राज्य में विपक्षी राजनीति के नए पुनर्गठन की शुरुआत हो सकता है. इसके साथ ही डीएमके के लिए अब नए साथियों की तलाश भी जरूरी हो गई है.

क्या बदल सकते हैं राष्ट्रीय समीकरण?

आईयूएमएल के बाहर निकलने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अब डीएमके एनडीए में शामिल होने जा रही है. दरअसल संसद से परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक दोबारा से पारित कराने की कोशिश में जुटी केंद्र सरकार लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के लिए नए सहयोगी की तलाश में जुटी है. खबर है कि इसके लिए बीजेपी ने डीएमके को भी एनडीए में शामिल होने का न्योता दिया.

लोकसभा में डीएमके के 22 सांसद हैं. ऐसे में अगर पार्टी चीफ एमके स्टालिन सत्ताधारी एनडीए गठबंधन में शामिल होने का फैसला करते हैं तो एनडीए ने नीचले सदन में 360 का आंकड़ा पार करना आसान हो जाएगा. हालांकि ये सारी खबरें सूत्रों के हवाले से ही हैं और फिलहाल डीएमके या बीजेपी की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है.

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