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क्या शहबाज से छिनी सबसे बड़ी ताकत? अब मुनीर के हाथ ‘न्यूक्लियर बटन’

पाकिस्तान ने रक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए परमाणु हथियारों और रणनीतिक मिसाइल प्रणाली की ऑपरेशनल कमान सेना को सौंप दी है। 27वें संविधान संशोधन के बाद गठित नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड (एनएससी) के जरिए वास्तविक नियंत्रण अब फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व वाली केंद्रीय सैन्य कमान के हाथ में होगा। प्रधानमंत्री की भूमिका सीमित हो गई है और नया सैन्य ढांचा चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के मॉडल से प्रेरित बताया जा रहा है।

पाकिस्तान ने अपने रक्षा ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए परमाणु हथियारों और रणनीतिक मिसाइल प्रणाली की ऑपरेशनल कमान सेना को सौंप दी है। नए कानून के तहत नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड (एनएससी) का गठन किया गया है, जिसकी कमान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के पास होगी।

क्या है नया सैन्य ढांचा और किसे मिली कमान?
27वें संविधान संशोधन के बाद एनएससी का गठन किया गया है, जिसके तहत परमाणु हथियारों और अन्य महत्वपूर्ण रणनीतिक संसाधनों का संचालन अब सीधे केंद्रीय सैन्य कमान के अधीन होगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लेफ्टिनेंट जनरल आमिर रजा को फोर-स्टार जनरल के रूप में पदोन्नत कर इस नई कमान का पहला कमांडर नियुक्त किया है। नया ढांचा काफी हद तक चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के मॉडल पर तैयार किया गया है।

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