शरिया कानून का इस्तेमाल कर महिला ने कैसे ठगे 6 हजार करोड़ रुपये? ED के हत्थे चढ़ी मास्टरमाइंड

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को घोटाले का एक ऐसा मामला मिला है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। इस घोटाले के मुख्य शिकार वे मुसलमान थे जो शरिया कानून का पालन करते हैं। इस कानून के तहत ब्याज का पैसा कमाने की मनाही है।
इस मामले में अपराधियों ने भोले-भाले लोगों को निवेश पर सालाना 36 प्रतिशत तक मुनाफे का वादा करके निशाना बनाया और कुछ ही सालों में 6 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जमा कर ली। इस घोटाले की मास्टरमाइंड हैदराबाद की रहने वाली नौहेरा शेख थी।
चल रही थी फरार, गुरुग्राम के होटल से गिरफ्तार
यह महिला एक महीने से ज्यादा समय से फरार चल रही थी। वहीं सुप्रीम कोर्ट की ओर से उसकी जमानत याचिका रद करते हुए आत्मसमर्पण का आदेश दिया था। उसे पिछले हफ्ते ही गुरुग्राम के एक होटल से गिरफ्तार किया गया। इस ठग महिला ने कई बार अदालतों और जांच एजेंसियों को भी चकमा दिया।
सुप्रीम कोर्ट को भी गुमराह किया
उसने सुप्रीम कोर्ट को भी गुमराह करने की कोशिश की। नौहेरा ने दावा किया कि उसने हैदराबाद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था लेकिन पुलिस ने उसे हिरासत में लेने से मना कर दिया।
400 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त
उसकी मालिकाना हक वाली और उसके नियंत्रण में मौजूद 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां जब्त कर ली गई हैं और अब उन्हें पीड़ितों को वापस लौटाने की प्रक्रिया चल रही है।
ईडी ने क्या बताया?
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “नौहेरा शेख, उसके परिवार के सदस्यों और अन्य साथियों ने लाखों लोगों को अपनी ‘पॉन्जी स्कीम’ में निवेश करने का लालच दिया।” उन्होंने आगे बताया कि शुरुआत में आए निवेशकों को भारी मुनाफा दिया गया लेकिन 1.7 लाख अन्य लोगों को अपनी जमा-पूंजी गंवानी पड़ी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच का आदेश दिया और बाद में ईडी द्वारा जब्त की गई सभी संपत्तियों को जब्त करने और उन्हें बेचकर पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश जारी किया गया। इस महिला और उसके साथियों ने कई बार हलफनामे और दावे पेश किए, जिससे संपत्तियों की बिक्री में और भी ज्यादा देरी हुई।
उसके एक साथी ने पीएमओ के एक अधिकारी का रूप धरकर संपत्तियों की बिक्री और पीड़ितों को मुआवजा देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रोकने की कोशिश की। उसे जनवरी में गिरफ्तार कर लिया गया था।
साल 2024 में एजेंसी ने उसके घर पर तलाशी के दौरान 12 गाड़ियां जब्त कीं, जिनमें एक बीएमडब्ल्यू, एक मर्सिडीज-बेंज, एक महिंद्रा स्कॉर्पियो, कई टोयोटा फॉर्च्यूनर और 92 लाख रुपये की नकद राशि शामिल थी।




