MPSC भर्ती के नियमों में किए बड़े बदलाव, महाराष्ट्र सरकार ने 18 नई सेवाओं का किया गठन

बयान में कहा गया है कि समान सेवाओं के लिए अलग-अलग अनुभव की शर्तों के कारण परीक्षाओं की संख्या अनावश्यक रूप से बढ़ रही थी, जिसे अब अधिक सरल, तर्कसंगत और एक समान बनाया जाएगा. सरकार ने समूह ‘A’ और ‘B’ (राजपत्रित) सेवाओं के लिए महाराष्ट्र सिविल सेवा परीक्षा के दायरे को भी बढ़ाने का फैसला किया है. वर्तमान में छह सेवाओं के तहत 57 संवर्गों में भर्ती होती है, जिसे बढ़ाकर 102 संवर्ग किया जाएगा, जिसमें 45 नए संवर्ग जोड़े जाएंगे.
बयान में कहा गया है कि समान सेवाओं के लिए अलग-अलग अनुभव की शर्तों के कारण परीक्षाओं की संख्या अनावश्यक रूप से बढ़ रही थी, जिसे अब अधिक सरल, तर्कसंगत और एक समान बनाया जाएगा. सरकार ने समूह ‘A’ और ‘B’ (राजपत्रित) सेवाओं के लिए महाराष्ट्र सिविल सेवा परीक्षा के दायरे को भी बढ़ाने का फैसला किया है. वर्तमान में छह सेवाओं के तहत 57 संवर्गों में भर्ती होती है, जिसे बढ़ाकर 102 संवर्ग किया जाएगा, जिसमें 45 नए संवर्ग जोड़े जाएंगे.
इंटरव्यू के बजाय डेप्युटेशन के माध्यम से भरे जाएंगे कुछ पद
संयुक्त परीक्षाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए विभिन्न विभागों के समान संवर्गों को मिलाकर 18 नई सेवाएं बनाई जाएंगी. इनमें कुल 93 संवर्ग शामिल होंगे. इन्हें ‘प्रशासनिक संवर्ग समूह’ और ‘तकनीकी संवर्ग समूह’ में विभाजित किया जाएगा, ताकि कार्यकुशलता बढ़ाई जा सके. इसके अलावा, कुछ राजपत्रित पदों को नामांकन कोटे के तहत साक्षात्कार के बजाय आंतरिक पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा.
बयान में कहा गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के चलते कुछ पुराने संवर्ग अब उपयोगी नहीं रह गए हैं, जिन्हें ‘डाइंग कैडर’ घोषित किया जाएगा. जरूरत के अनुसार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से संबंधित नए पद भी बनाए जा सकते हैं. इसके साथ ही गैर-राजपत्रित पदों के लिए साक्षात्कार समाप्त कर दिया जाएगा, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी होगी.
‘निपुण सेतु’ पहल की शुरुआत
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के ‘प्रतिभा सेतु’ की तर्ज पर ‘निपुण सेतु’ पहल की शुरुआत की जाएगी. इसके तहत ऐसे उम्मीदवारों की जानकारी जो साक्षात्कार तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन तक नहीं पहुंच सके उनकी जानकारी को सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संगठनों के साथ साझा की जाएगी. इसे महाजॉब्स पोर्टल के माध्यम से लागू किया जाएगा.
भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिलॉकर का उपयोग किया जाएगा. इससे उम्मीदवारों के अपने दस्तावेज जैसे अंकपत्र, ट्रांसफर प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और खेल प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से प्राप्त किए जा सकेंगे.




