बालाघाट में रहस्यमयी बुखार का कहर, दो माह में 8 बच्चों की मौत; 7 अब भी अस्पताल में भर्ती

जबलपुर। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा विकास खंड के बैगा आदिवासी बहुल गांवों में रहस्यमय बुखार से दो माह में आठ बच्चों की मौत हो गई है। सात बच्चे अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। शुरुआत में डॉक्टरों ने मलेरिया की जांच कराई लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। राज्य मुख्यालय से भी विशेषज्ञों की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा किया, लेकिन बीमारी का पता नहीं चल सका है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ व दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर चिंता जताई है।
कुंडेकसा, बोंदारी और कोरका में ज्यादा असर
जानकारी के अनुसार बैगा बहुल गांव कुंडेकसा, बोंदारी, कोरका में इस बीमारी का ज्यादा प्रभाव देखा गया है। मंगलवार रात भी एक बच्चे की मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने छह की मौत की पुष्टि की है। सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप ने बताया कि बुधवार तक 93 बच्चे स्वस्थ्य होकर जिला अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि सात बच्चे अभी भी भर्ती हैं।
घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम
स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला घर-घर जाकर प्रभावित बच्चों की जांच कर रहा है। कुंडेकसा में अस्थायी अस्पताल भी खोला गया है, जहां तीन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। बच्चों की मौत की वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगी।
कमल नाथ-दिग्विजय ने लिखा सीएम को पत्र
इधर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि बैगा समाज अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुदाय है। ऐसे में बच्चों की बीमारी को सामान्य मानकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने चिकित्सकीय जांच कराने और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता राशि देने का आग्रह किया है।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बीमार बच्चों को एयरलिफ्ट कर नागपुर, रायपुर और भोपाल के बड़े अस्पतालों में भर्ती कराने की मांग की है।




