तकनीकी

अचानक 25% से 5% पर आ गई मोबाइल की बैटरी? इसके पीछे की वजह

फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से अक्सर सभी के फोन कि बैटरी जल्दी खर्च हो जाती है, लेकिन कई लोगों के साथ  ऐसा हुआ है कि मोबाइल की बैटरी 25% दिखा रही थी, और कुछ ही मिनटों में अचानक 5% पर आ गई? ऐसे में उनके मन में तरह तरह के सवाल आते है और वे परेशान होने लगते हैं, लेकिन आपको बता दें कि इसमें परेशान होने वाली बात नहीं है, क्योंकि यह समस्या आज लाखों स्मार्टफोन यूजर्स के साथ हो रही है. 

यह सिर्फ पुराने फोन में ही नहीं, बल्कि सैमसंग, श्याओमी, पिक्सल, वनप्लस और ओप्पो जैसे नए फोन में भी देखी जा रही है. बता दें कि ज्यादातर मामलों में यह कोई सॉफ्टवेयर खराबी या वायरस नहीं होता, बल्कि बैटरी से जुड़ी एक सामान्य तकनीकी वजह होती है. आज हम आसान भाषा में समझेंगे कि आखिर ऐसा क्यों होता है. 

सबसे पहली बात समझनी जरूरी है कि फोन में बैटरी का जो परसेंटेज दिखता है, वो किसी टैंक में भरे पेट्रोल की तरह सीधा नहीं नापा जाता.  यह एक अंदाजा होता है, जो बैटरी की वोल्टेज, करंट फ्लो, तापमान और पुराने इस्तेमाल के पैटर्न के आधार पर लगाया जाता है. लीथियम-आयन बैटरी, जो लगभग हर स्मार्टफोन में इस्तेमाल होती है, एक जैसी रफ्तार से डिस्चार्ज नहीं होती, खासकर जब वो पुरानी हो जाए, इसलिए फोन का सिस्टम लगातार अपने अंदाजे को सुधारता रहता है. यही वजह है कि कई बार यह नंबर अचानक उछल या गिर जाता है. 

अब सवाल यह है कि यह अचानक गिरावट होती क्यों है.  जब आप कोई भारी ऐप चलाते हैं, जैसे गेम, कैमरा या जीपीएस नेविगेशन, तो फोन ज्यादा करंट खींचता है, जिससे बैटरी की वोल्टेज तेजी से गिरती है.  फोन का सिस्टम इसे कम बैटरी समझकर परसेंटेज को नीचे दिखा देता है. लेकिन जैसे ही आप वो ऐप बंद करते हैं, लोड कम हो जाता है, वोल्टेज वापस ऊपर आ जाती है, और फोन फिर से अपना हिसाब बदल लेता है. इसी प्रोसेस की वजह से कई बार 25% से 5% पर गिरने जैसा डरावना नजारा दिखता है. 

बैटरी की उम्र भी इस समस्या की एक बड़ी वजह है. पुरानी हो चुकी लीथियम-आयन बैटरी कम चार्ज लेवल पर स्टेबल वोल्टेज नहीं दे पाती, इसलिए फोन परसेंटेज दिखने के बावजूद जल्दी बंद हो जाता है.  करीब 500 से ज्यादा चार्जिंग साइकल के बाद ज्यादातर बैटरियां अपनी पुरानी क्षमता का सिर्फ 80% ही बचा पाती हैं, और जैसे-जैसे बैटरी की क्षमता घटती है, वोल्टेज और चार्ज के बीच का तालमेल भी कम भरोसेमंद हो जाता है. 

एक और बड़ी वजह है बैटरी का गलत कैलिब्रेशन.  अगर आप अक्सर फोन को 40% से 80% के बीच ही चार्ज करते हैं और कभी पूरी तरह डिस्चार्ज नहीं होने देते, तो फोन का फ्यूल गेज अपने रेफरेंस पॉइंट खो देता है.   इसके अलावा बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स, सिस्टम अपडेट और पुराना सॉफ्टवेयर भी बैटरी रीडिंग को गड़बड़ कर सकते हैं. 

अगर आपका फोन भी बार-बार इस समस्या से गुजर रहा है, तो कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं.  पहले फोन की बैटरी हेल्थ चेक करें, आईफोन में सेटिंग्स से बैटरी हेल्थ और एंड्रॉइड में डिवाइस मेंटेनेंस टूल से यह पता लगाया जा सकता है. बैटरी को कैलिब्रेट करने के लिए महीने में एक बार फोन को पूरा चार्ज करें. इसके साथ ही बिना इस्तेमाल वाले ऐप्स बंद करें, पावर सेविंग मोड का इस्तेमाल करें, और बहुत ज्यादा गर्मी या ठंड में फोन इस्तेमाल करने से बचें. 

Related Articles

Back to top button