सुप्रीम कोर्ट ने पलटा डोनाल्ड ट्रंप का फैसला; अमेरिका में जन्मे बच्चों को मिलती रहेगी नागरिकता

Supreme Court vs Donald Trump: मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 6 बनाम 3 के बहुमत से निचली अदालत के उस फैसले को सही ठहराया, जिसने ट्रंप के कार्यकारी आदेश पर रोक लगाई थी. ट्रंप के आदेश में कहा गया था कि यदि किसी बच्चे के माता-पिता अमेरिकी नागरिक या ग्रीन कार्ड धारक (वैध निवासी) नहीं हैं, तो अमेरिका में पैदा होने के बावजूद बच्चे को वहां की नागरिकता नहीं मिलेगी. कोर्ट ने साफ किया कि संविधान का 14वां संशोधन देश में जनमे हर व्यक्ति को बराबरी का हक देता है.
ट्रंप को साल का दूसरा झटका
ट्रंप प्रशासन को 2026 में कोर्ट से दूसरा झटका लगा है. इससे पहले फरवरी महीने में भी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप सरकार द्वारा लगाए गए ‘ग्लोबल टैरिफ’ को रद्द कर दिया था. अब नागरिकता के मुद्दे पर ट्रंप को झटका लगा है.
सामूहिक याचिका से शुरू हुई कानूनी जंग
ट्रंप प्रशासन के इस मनमाने निर्देश के खिलाफ न्यू हैम्पशायर की एक अदालत में सामूहिक याचिका दायर की गई थी. यह मुकदमा उन माता-पिता और बच्चों की तरफ से दायर किया गया था, जिनकी अमेरिकी नागरिकता पर इस आदेश के कारण सीधे तौर पर तलवार लटक गई थी.
क्या कहता है अमेरिकी संविधान का ‘सिटीजनशिप क्लॉज’?
अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के ‘नागरिकता खंड’ (Citizenship Clause) में स्पष्ट लिखा है: “संयुक्त राज्य अमेरिका में पैदा हुए या प्राकृतिक रूप से नागरिक बने और उसके अधिकार क्षेत्र के अधीन आने वाले सभी व्यक्ति, संयुक्त राज्य अमेरिका और उस राज्य के नागरिक हैं जहां वे निवास करते हैं.




