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टैक्स पर हाई कोर्ट ने साफ कर दी स्थिति,कंपनी की कमाई को शेयरधारकों की इनकम नहीं माना जा सकता

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने टैक्स को लेकर एक बड़ी कानूनी स्थिति साफ कर दी है। हाई कोर्ट का कहना है कि कंपनी और शेयरधारक दो अलग-अलग चीजें हैं। अगर कंपनी कोई कमाई करती है या अपनी प्रॉपर्टी बेचकर मुनाफा कमाती है, तो उस पर शेयरधारकों से टैक्स नहीं मांगा जा सकता। कोर्ट ने साफ किया कि अगर शेयरधारकों को कंपनी से डिविडेंड मिलता है, तो उस पर कानून के हिसाब से टैक्स लगाया जा सकता है, लेकिन पूरी कंपनी की कमाई को सीधे तौर पर शेयरधारकों की कमाई नहीं माना जा सकता।

ET के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट साफ कर दिया है कि शेयरधारक के पास चाहे कंपनी की 100% हिस्सेदारी हो। वे केवल शेयरों के मालिक होते हैं, कंपनी की संपत्तियों के नहीं। इसलिए, कंपनी को होने वाली कमाई पर शेयरधारकों से टैक्स नहीं वसूला जा सकता। हाई कोर्ट की बेंच ने कहा, ‘टैक्स केवल कंपनी के शेयरों से होने वाली डिविडेंड की आय पर लग सकता है, न कि खुद कंपनी की अपनी इनकम पर।’

हाई कोर्ट ने क्या कहा

  • दिल्ली हाई कोर्ट ने टैक्स को लेकर एक बड़ी कानूनी स्थिति साफ कर दी है
  • हाई कोर्ट का कहना है कि कंपनी और शेयरधारक दो अलग-अलग चीजें हैं
  • कोर्ट ने कहा कि कंपनी की कमाई पर शेयरधारकों से टैक्स नहीं मांगा जा सकता
  • कंपनी की कमाई को सीधे तौर पर शेयरधारकों की कमाई नहीं माना जा सकता
  • टैक्स लगाने की मांग
  • बेंच ने कहा कि कानून की नजर में कंपनी एक स्वतंत्र इकाई होती है और वह अपने सदस्यों या शेयरधारकों से अलग मानी जाती है। इसी के साथ कोर्ट ने कार्मिकेल कैपिटल (CCL) के शेयरधारकों पर टैक्स लगाने की मांग ठुकरा दी। इनकम टैक्स विभाग की अपीलों को खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने ट्रिब्यूनल के पुराने फैसले को सही ठहराया।

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