फ्लाइट में चढ़ते ही क्यों हाथ जोड़ती हैं फ्लाइट अटेंडेंट? नहीं दिखाती सम्मान, पीछे है बड़ी वजह!

फ्लाइट बोर्डिंग के समय एयर होस्टेस का स्वागत हमेशा याद रह जाता है. भारत में ज्यादातर एयरलाइंस की क्रू मेंबर्स हाथ जोड़कर “नमस्ते” कहती हैं. बाहर से देखने पर ये सिर्फ सम्मान और भारतीय संस्कृति का प्रतीत होता है, लेकिन असल वजह कुछ और है.
सोशल मीडिया पर खुलासा
एक फ्लाइट अटेंडेंट ने हाल ही में वीडियो शेयर करके बताया कि हाथ जोड़ने की प्रैक्टिस कई मायनों में फायदेमंद है. हाथ मिलाने की बजाय नमस्ते करने के पीछे मुख्य वजहें ये हैं:
1. हाइजीन और स्वास्थ्य
फ्लाइट में सैकड़ों पैसेंजर आते-जाते हैं. हाथ मिलाने से जर्म्स और वायरस ट्रांसफर होने का खतरा रहता है. खासकर कोविड के बाद एयरलाइंस हाइजीन को लेकर बहुत सतर्क हैं. नमस्ते में कोई फिजिकल कॉन्टैक्ट नहीं होता, इसलिए संक्रमण का खतरा कम रहता है.
2. पैसेंजर ऑब्जर्वेशन
हाथ जोड़कर स्वागत करते समय क्रू मेंबर्स पैसेंजर को अच्छे से देख पाती हैं. वे तुरंत समझ जाती हैं कि कोई पैसेंजर नर्वस है, बीमार लग रहा है, नशे में है या कोई संदिग्ध व्यवहार कर रहा है. ये सेफ्टी के लिए बहुत जरूरी है.
3. भारतीय संस्कृति का सम्मान
भारतीय एयरलाइंस अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर को भारतीय आतिथ्य दिखाती है. नमस्ते कहना ब्रांडिंग का भी हिस्सा है. विदेशी पैसेंजर इसे यूनिक और यादगार मानते हैं.
4. क्रू मेंबर्स की सुविधा
लंबी फ्लाइट्स में बार-बार हाथ मिलाने से थकान होती है. नमस्ते एक आसान और प्रोफेशनल तरीका है.
दुनिया भर में अलग-अलग प्रैक्टिस
विदेशी एयरलाइंस में हैंडशेक या सिंपल “हेलो” आम है
भारतीय एयरलाइंस में नमस्ते कल्चरल आइडेंटिटी दिखाता है
कुछ एयरलाइंस अब दोनों तरीके इस्तेमाल करती हैं
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
एविएशन एक्सपर्ट्स के अनुसार बोर्डिंग समय क्रू का सबसे व्यस्त समय होता है. वे पैसेंजर काउंट, सीटिंग और सेफ्टी चेक के साथ-साथ पैसेंजर के मूड को भी परखती है. नमस्ते उन्हें बिना टच किए ये सब करने का मौका देता है.




