आखिरी ओवर में इंग्लैंड से हारा भारत, स्मृति मंधाना का टूटा दिल

भारत को आईसीसी विश्व कप में लगातार तीसरी हार झेलने पर मजबूर होना पड़ा है. साल 1982 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब भारतीय टीम को विश्व कप में लगातार तीन मैच गंवाने पड़े. हरमनप्रीत कौर एंड कंपनी की विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई है वहीं इंग्लैंड ने भारत को हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया. भारतीय टीम को आखिरी ओवर में हार मिली.
नई दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप में लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा. इंग्लैंड ने भारत को 4 रन से हराकर विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली. भारतीय टीम के सामने 289 रन का टारगेट था लेकिन भारतीय टीम 284 रन ही बना सकी. ओपनर स्मृति मंधाना के 88 रन, कप्तान हरमनप्रीत कौर के 70 और दीप्ति शर्मा के 50 रन के बावजूद भारतीय टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी. इस जीत से जहां एक ओर इंग्लैंड ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया.
स्मृति मंधाना (Smriti mandhana) ने ओपनिंग में उतरकर शानदार पारी खेली लेकिन उनके आउट होते ही भारत की गिरफ्त से मैच निकल गया. इस दिल तोड़ने वाली हार के बाद मंधाना माथा पकड़कर बैठ गईं. भारतीय टीम की इस हार से उसकी सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है . मंधाना ने कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ मिलकर 100 से अधिक रन की साझेदारी की. भारत की ओर से तीन अर्धशतक लगे लेकिन ये टीम के काम नहीं आईं.
भारत की ओर से मंधाना ने सबसे अधिक 88 रन की पारी खेली वहीं हरमनप्रीत कौर ने 70 रन बनाए जबिक दीप्ति शर्मा के बल्ले से 50 रन निकले. हरलीन देओल 24 रन बनाकर आउट हुई वहीं अमनजोत कौर नाबाद 18 रन की पारी खेली वहीं स्नेह राणा ने नाबाद 10 रन बनाए. शतकीय पारी खेलने वाली हीदर नाइट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
इससे पहले, भरोसेमंद बल्लेबाज हीदर नाइट (109) की शानदार शतकीय और एमी जोन्स (56 रन) की अर्धशतकीय पारी के बाद भारतीय ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा के चार विकेट झटकने से इंग्लैंड की टीम शानदार शुरूआत के बावजूद आठ विकेट पर 288 रन ही बना सकी. अपना 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही नाइट ने तूफानी बल्लेबाजी के दौरान 91 गेंद खेलीं और इस दौरान 15 चौके और एक छक्का लगाया. इस तरह उन्होंने अपना तीसरा वनडे शतक और महिला वनडे में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया.
वहीं भारत के लिए भी भरोसेमंद गेंदबाज दीप्ति ने बेहतरीन गेंदबाजी की. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जब भी विकेट झटकने के लिए दीप्ति की लगाया तो यह अनुभवी ऑफ स्पिनर भरोसे पर खरी उतरी. उन्होंने 51 रन देकर चार विकेट लिए जो किसी वनडे विश्व कप मैच में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.




