व्यापार

 एलपीजी पर बड़ी राहत की खबर, दो और जहाजों ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज; भर जाएंगे 65 लाख से ज्यादा सिलिंडर

नई दिल्ली। भारत के झंडे वाले दो और LPG टैंकर युद्ध से प्रभावित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से सुरक्षित रूप से निकल गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो दिनों में वे भारत के तटों पर पहुँच जाएँगे। मगर इनमें देश की कुकिंग गैस की लगभग एक दिन की सप्लाई है। यानी एक दिन में भारत में जितनी एलपीजी की खपत होती है, इन जहाजों पर उतनी ही एलपीजी है।

कितनी LPG ला रहे दोनों जहाज?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जहाज ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, LPG टैंकर ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ एक-दूसरे के करीब चलते हुए, सोमवार सुबह फारस की खाड़ी से रवाना हुए और फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया।
बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार दोनों जहाज 92,612 टन LPG ले जा रहे हैं। इतनी गैस से घरेलू करीब 65.21 लाख सिलिंडर भरे जा सकते हैं।

कब तक पहुंचेंगे भारत?

इन दोनों टैंकरों के 26 मार्च से 28 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की संभावना है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इन जहाजों पर क्रमशः 33 और 27 भारतीय नाविक सवार हैं। ये दोनों जहाज उन 22 भारतीय जहाजों में से हैं, जो पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद फारस की खाड़ी में फँस गए थे।
इस युद्ध के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ — ईरान और ओमान के बीच का वह संकरा जलमार्ग जो तेल और गैस उत्पादक खाड़ी देशों को बाकी दुनिया से जोड़ता है — लगभग बंद हो गया था।

कुल कितने जहाज मौजूद?

शुरू में, जब पश्चिम एशिया में ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद युद्ध छिड़ा, तब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारत का झंडा लगे 28 जहाज मौजूद थे। इनमें से 24 जहाज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में थे और चार पूर्वी हिस्से में। पिछले कुछ दिनों में, दोनों तरफ से दो-दो जहाज सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे हैं।

Related Articles

Back to top button