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कबाड़ी को बेचने से पहले सोचें: पुराने वाहन स्क्रैप कर नई खरीदने पर मिलेंगे टैक्स छूट समेत कई फायदे, नियम क्या?

अगर आप समय सीमा पूरी कर चुकी पुरानी गाड़ी हटाकर धनतेरस पर नई खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो उसे कबाड़ी को बेचने के बजाय सरकारी मान्यता प्राप्त स्क्रैप सेंटर में देना फायदेमंद हो सकता है। यहां वाहन की स्क्रैप कीमत के साथ सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीडी) भी मिलता है। इसके आधार पर कई तरह की छूट का लाभ उठाया जा सकता है। यही वजह है कि सरकारी स्क्रैप सेंटरों में निजी वाहन मालिकों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है।

अब तक लगभग 7.14 लाख वाहन हुए  स्क्रैप

26 अक्तूबर 2026 तक देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 176 पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर काम कर रहे थे। इनमें लगभग 7.14 लाख वाहन अब तक स्क्रैप किए जा चुके हैं। इनमें 2.17 लाख सरकारी और 4.96 लाख निजी वाहन शामिल हैं। सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग का 1.80 लाख का लक्ष्य भी पूरा हो चुका है। इनमें  6,462 बस, पुलिस वाहन, एंबुलेंस शामिल हैं।

जमा प्रमाणपत्र बेचने का भी है विकल्प

परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, मान्यता प्राप्त सरकारी सेंटर में वाहन देने पर उसकी स्क्रैप कीमत के अलावा जमा प्रमाणपत्र (सीडी) मिलता है। इसके आधार पर नई गाड़ी खरीदने पर राज्य सरकार की ओर से अधिसूचित रोड टैक्स में छूट, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट  (आरसी) शुल्क की माफी और वाहन कंपनियों की ओर से मिलने वाली छूट का लाभ लिया जा सकता है। अगर आप तुरंत नई गाड़ी नहीं खरीदना चाहते, तो सीडी को ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर बेचकर उससे जुड़ा आर्थिक लाभ भी हासिल कर सकते हैं।

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