डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार चौथे दिन हुआ मजबूत

Rupees vs Dollar: भारतीय रुपया लगातार चौथे दिन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 87.85 पर बंद हुआ. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये को घरेलू शेयर बाजारों के सकारात्मक रुख और अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता की उम्मीद से सहारा मिला. विशेषज्ञों का कहना है कि फेडरल रिजर्व द्वारा 0.25% ब्याज दर कटौती की संभावना और डॉलर की कमजोरी से रुपये में तेजी आई है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और एफआईआई की बिकवाली के बावजूद रुपये ने मजबूती दर्ज की.
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले लगातार चौथे दिन मजबूती दिखा रहा है. बुधवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 24 पैसे की तेजी के साथ 87.85 पर बंद हुआ. घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता से जुड़ी उम्मीदों ने रुपये को सहारा दिया.
चौथे दिन भी जारी रही मजबूती
बुधवार को रुपया 87.84 पर खुला और कारोबार के दौरान 87.71 से 87.86 के दायरे में उतार-चढ़ाव करता रहा. अंत में यह 24 पैसे की बढ़त के साथ 87.85 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. इससे पहले मंगलवार को भी रुपया सात पैसे मजबूत होकर 88.09 पर बंद हुआ था। यह स्तर रुपये का ढाई सप्ताह का उच्चतम स्तर माना जा रहा है.
डॉलर की कमजोरी से मिली राहत
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की उम्मीद के चलते वैश्विक स्तर पर डॉलर कमजोर हुआ है. डॉलर की इस नरमी का सीधा फायदा रुपये को मिला. निवेशक फेडरल रिजर्व की बैठक और चेयरमैन के संबोधन पर नजर रखे हुए हैं, जिससे आगे की दिशा तय होगी.
बाजार की उम्मीदें और एफओएमसी बैठक
मिराए एसेट शेयरखान के मुद्रा एवं जिंस विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि एफओएमसी बैठक से पहले डॉलर का कमजोर रुख जारी है. ऐसे में रुपये के और मजबूत होने की संभावना है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिकी फेड किसी भी नरम नीति रुख का संकेत देता है, तो डॉलर और गिर सकता है और वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार होगा.
डॉलर इंडेक्स और कच्चा तेल
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.16 प्रतिशत बढ़कर 96.78 पर पहुंच गया. वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड वायदा 0.66 प्रतिशत टूटकर 68.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर भी भारतीय रुपये की मजबूती में देखने को मिला.
घरेलू शेयर बाजार का समर्थन
घरेलू शेयर बाजार भी रुपये की मजबूती का अहम कारण बने. सेंसेक्स 313.02 अंक की बढ़त के साथ 82,693.71 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 91.15 अंक चढ़कर 25,330.25 पर पहुंचा. सकारात्मक शेयर बाजार विदेशी मुद्रा निवेशकों के लिए भरोसेमंद माहौल बनाता है, जिससे रुपये को सहारा मिला.
एफआईआई का दबाव
हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे. बुधवार को एफआईआई ने 1,124.54 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. इसके बावजूद रुपये की मजबूती ने यह दिखाया कि घरेलू और वैश्विक कारकों का सम्मिलित असर भारतीय मुद्रा को सहारा दे रहा है.
फेडरल के नतीजे तय करेंगे रुपये की दिशा
भारतीय रुपया फिलहाल डॉलर के मुकाबले मजबूत रुख बनाए हुए है. फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर होने वाले फैसले और चेयरमैन के बयान से इसकी आगे की दिशा तय होगी. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और घरेलू शेयर बाजार की तेजी रुपये के लिए सकारात्मक संकेत हैं. अगर वैश्विक स्तर पर डॉलर कमजोर रहता है, तो आने वाले दिनों में रुपये की मजबूती और भी बढ़ सकती है.




