प्रज्ञान ओझा ही होंगे BCCI के नए चीफ सेलेक्टर? सबसे बड़े दावेदार को कोई मतलब ही नहीं, आवेदन तक नहीं किया

नई दिल्ली: पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने बीसीसीआई चीफ सेलेक्टर की पोस्ट के लिए आवेदन ही नहीं किया है। पार्थिव को अजीत अगरकर की जगह बीसीसीआई के नए चीफ सेलेक्टर के रूप में देखा जा रहा था। वह इस रेस में सबसे आगे थे, लेकिन उनके आवेदन नहीं करने से प्रज्ञान ओझा की राह आसान हो गई है। प्रज्ञान फिलहाल चयन समिति के अंतरिम चेयरमैन हैं, लेकिन अब चयन समिति में कोई बड़ा नाम नहीं होने से उनके चीफ सेलेक्टर बनने की संभावना बढ़ गई है।
बीसीसीआई में पश्चिमी जोन से सेलेक्टर का पद खाली हुआ है। इस पद पर आवेदन के लिए बुधवार आखिरी दिन था और पार्थिव ने अप्लाई नहीं किया है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, ‘मुझे नहीं पता कि बीसीसीआई आवेदन की समयसीमा बढ़ाएगा या नहीं, लेकिन 14 अक्टूबर को शाम पांच बजे तक पार्थिव ने आवेदन नहीं किया था। अगर समयसीमा बढ़ाई जाती है या वह अपना फैसला बदलते हैं, तो स्थिति बदल सकती है।’
चीफ सेलेक्टर बने रहेंगे प्रज्ञान ओझा
दक्षिण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले ओझा के अपने कार्यकाल के बचे समय तक अध्यक्ष बने रहने की संभावना है। मौजूदा चयनकर्ताओं में उनके नाम सबसे अधिक टेस्ट मैच होने से उनकी दावेदारी मजबूत हुई है। जूनियर पुरुष चयन समिति का अध्यक्ष बनने के प्रबल दावेदार माने जा रहे रमेश पोवार अब पश्चिम क्षेत्र से सीनियर चयनकर्ता के पद के लिए दावेदार बन सकते हैं।
समीर दिघे भी हैं दावेदार
भारत के पूर्व विकेटकीपर समीर दिघे का नाम भी चर्चा में है। चयनकर्ताओं के पदों के लिए पिछली बार आवेदन आमंत्रित किए जाने पर पोवार और दिघे दोनों ने आवेदन किया था। हालांकि, पश्चिम क्षेत्र से इस पद के लिए योग्य और प्रमुख उम्मीदवारों की संख्या सीमित दिखाई दे रही है। इसकी स्थिति तभी बदल सकती है, जब बीसीसीआई आवेदन की समयसीमा बढ़ाकर पार्थिव को आवेदन करने का मौका दे। फिलहाल ऐसा लगता है कि पार्थिव सीनियर चयन समिति में भूमिका निभाने के बजाय गुजरात टाइटंस के कोचिंग स्टाफ और कमेंट्री से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियां जारी रखेंगे।




