महाराष्ट्र

इन सुविधाओं से लैस मुंबई में फिर दौड़ेगी मोनोरेल, 19 किमी का होगा कॉरिडोर

मुंबई, मुंबईकरों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और तेज रफ्तार नई मोनोरेल सेवा जल्द ही दोबारा शुरू होने वाली है. अपडेटेड मोनोरेल को उसके नए रोलिंग स्टॉक और CBTC आधारित सिग्नलिंग प्रणाली के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र मिल गया है.

यह सुरक्षा प्रमाणपत्र वैश्विक स्तर की परीक्षण और निरीक्षण संस्था Bureau Veritas द्वारा प्रदान किया गया है, जिसने स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकनकर्ता (ISA) की भूमिका निभाई. यह उपलब्धि मोनोरेल सेवा को दोबारा सार्वजनिक उपयोग के लिए शुरू करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

19.54 किलोमीटर कॉरिडोर की जांच

अब अगले चरण में पूरे 19.54 किलोमीटर लंबे मोनोरेल कॉरिडोर की व्यापक जांच की जाएगी. इसके लिए सेवानिवृत्त मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त की नियुक्ति की जाएगी, जो अंतिम वैधानिक मंजूरी देंगे. यह प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद नई और आधुनिक मोनोरेल फिर से मुंबईकरों की सेवा में दौड़ती नजर आएगी.

सुरक्षा प्रमाणपत्र मिलने से पहले ये प्रमुख परीक्षण पूरे किए गए:

उत्पादन इकाई में नए रोलिंग स्टॉक की विस्तृत जांच
दो महीनों तक कॉरिडोर के विभिन्न हिस्सों में कठोर ट्रायल रन
डिजाइन और उच्चतम सुरक्षा मानकों के पालन के लिए स्टैटिक व डायनामिक परीक्षण
ऑसिलेशन परीक्षण की सफल पूर्ति
उन्नत CBTC आधारित सिग्नलिंग सिस्टम की स्थापना और इंटरफेस स्तर की जांच

मेड इन इंडिया नई मोनोरेल ट्रेन की खासियतें

नई मोनोरेल ट्रेनों में 21 आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं. इनमें हर कोच में सीसीटीवी कैमरे, दिव्यांग अनुकूल सीटें, मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट, डायनामिक रूट मैप, बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्त पालन, मेट्रो शैली का आधुनिक इंटीरियर और रियल-टाइम मॉनिटरिंग व सर्विलांस सिस्टम शामिल हैं.
प्रशासन ने भरोसा जताया है कि मुंबईकरों को जल्द ही अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और अत्याधुनिक मोनोरेल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी.

तकनीकी दिक्कतों के चलते की थी बंद

मोनोरेल में लगातार सामने आ रही तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए इसे अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया गया था. पिछले कुछ समय में दो स्टेशनों के बीच मोनोरेल के रुक जाने की एक के बाद एक कई घटनाएं सामने आई थीं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा.

सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने पूरी प्रणाली की समीक्षा की और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मोनोरेल सेवा बंद कर व्यापक स्तर पर अपग्रेडेशन का कार्य शुरू किया. इसी क्रम में नए रोलिंग स्टॉक, उन्नत CBTC आधारित सिग्नलिंग प्रणाली और अन्य आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया, ताकि भविष्य में ऐसी तकनीकी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो और यात्रियों को सुरक्षित व भरोसेमंद सेवा मिल सके.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button