जिला अस्पताल के SNCU में जुड़वा शिशुओं की मौत, परिजन का हंगामा, डॉक्टर-स्टाफ पर रिश्वत के आरोप

गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई वार्ड में गुरुवार देर शाम को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एक परिवार ने अपने दो जुड़वां बच्चों की मौत के बाद अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की घोर लापरवाही और गलत उपचार के कारण उनके जुड़वा बच्चों की जान चली गई।
जानकारी अनुसार जिले के जेता डोंगर गांव निवासी फरियादी पिता पवन अहिरवार ने बताया, कि उनकी पत्नी पूजा अहिरवार की डिलीवरी 22 फरवरी को हुई थी, जिसमें दो जुड़वां लडक़ों का जन्म हुआ। जन्म के बाद डॉक्टरों ने बच्चों की हालत गंभीर बताते हुए, उन्हें बेहतर देखरेख के लिए SNCU वार्ड में भर्ती कर दिया। उपचार के दौरान 24 फरवरी को एक बच्चे की मौत हो गई। उस समय डॉक्टरों ने परिवार को ढांढस बंधाया कि दूसरा बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और घबराने की बात नहीं है।
ब्लड चढ़ाया, कुछ देर बताया बताया बच्चा खत्म हो गया
परिजन का आरोप है कि 26 फरवरी गुरुवार शाम तक बच्चा पूरी तरह स्वस्थ्य था। बच्चों के पिता पवन अहिरवार का आरोप है कि डॉक्टरों ने बच्चे को रक्त (ब्लड) चढ़ाया था, रात आठ बजे के लगभग अचानक उसकी मौत की खबर दी गई। परिजन ने आरोप लगाया कि डॉक्टर और ड्यूटी स्टाफ ने अलग-अलग तरीके से उनसे रुपए तक लिए हैं और अब दोनों बच्चों की इलाज में लापरवाही बरती गई, जिस कारण मौत हुई है।
ब्लड चढ़ाने के बाद ही जान क्यों गई
परिजन ने डॉक्टरों के विरोधाभासी बयानों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर अब तर्क दे रहे हैं कि बच्चे के फेफड़े विकसित नहीं थे। यदि फेफड़े विकसित नहीं थे, तो उसे रक्त क्यों चढ़ाया गया? खून चढ़ाने के तुरंत बाद ही उसकी जान क्यों गई?
हंगाम किया, डॉक्टर-स्टाफ पर कार्रवाई की मांग
हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल में भीड़ जमा हो गई। गुस्साए परिजनों ने वार्ड के बाहर नारेबाजी की और मांग करते हुए कहा कि जिन डॉक्टरों की लापरवाही से उनके दो बच्चों की जान गई है, उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और गरीब परिवार के साथ ऐसा अन्याय न हो।
कलेक्टर ने तीन सदस्य जांच कमेटी बना दी है शिकायत के सारे बिंदु नोट कर लिए हैं सारे बिंदुओं पर जांच होगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे कार्यवाही की जाएगी
तहसीलदार ने परिजन को समझाया, कार्रवाई होगी
रात 9:30 बजे के लगभग तहसीलदार गौरी शंकर बैरवा जिला अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड पहुंचे और मृत बच्चों के परिजन से बात करते हुए समझाइश दी। उन्होंने शिकायत के सभी बिंदु नोट किए। तहसीलदार ने कलेक्टर को पूरे मामले से अवगत कराया। तहसीलदार गौरी शंकर बैरवा ने कहा, कलेक्टर ने तीन सदस्य जांच कमेटी बना दी है शिकायत के सारे बिंदु नोट कर लिए हैं सारे बिंदुओं पर जांच होगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे कार्यवाही की जाएगी। बावजूद इसके पीड़ित परिवार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर अड़ा हुआ था।




