अमेरिका का सुपरसोनिक महाबली B-1B लांसर: 24 मिसाइलें लादकर भी 1448 KM/घंटा की स्पीड, ‘बमों का उड़ता ट्रक’

वेस्ट एशिया में ईरान के खिलाफ चल रही अमेरिका-इजरायल की जंग अब और भी खौफनाक होने वाली है. अमेरिका का सबसे खतरनाक सुपरसोनिक बमवर्षक विमान B-1B लांसर ब्रिटेन के एयरबेस पर लैंड कर चुका है. ‘द बोन’ के नाम से मशहूर यह विमान 1448 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ते हुए एक साथ 24 क्रूज मिसाइलें दागने में सक्षम है, जिससे ईरान के अंडरग्राउंड परमाणु ठिकानों का बचना अब नामुमकिन लग रहा है.
ईरान के खिलाफ अमेरिका का सबसे खतरनाक और तेज रफ्तार सुपरसोनिक बमवर्षक विमान B-1B लांसर (Lancer) उतरने वाला है, जिसे ‘द बोन’ के नाम से जाना जाता है, 146 फीट लंबा यह विशालकाय विमान ब्रिटेन के ग्लॉस्टरशायर के एयरबेस पर उतर चुका है.
B-1B लांसर विमान को ‘बमों का ट्रक’ क्यों कहा जाता है. इसकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह अकेला विमान 24 क्रूज मिसाइलें लेकर उड़ सकता है.
इसकी रफ्तार 900 मील प्रति घंटे यानी 1448 किमी/घंटा से भी ज्यादा है, जिसकी वजह से दुश्मन के एडवांस रडार सिस्टम भी इसे पकड़ नहीं पाते हैं. ये अमेरिकी वायुसेना का सबसे तेज बमवर्षक है.
इसमें लगे आधुनिक जैमर्स और जीपीएस सिस्टम इसे किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर बनाते हैं.
जानकारों का कहना है कि अगर ये विमान ‘फुल लोड’ के साथ उड़ान भरते हैं, तो ईरान के अंडरग्राउंड परमाणु ठिकानों और मिसाइल डिपो का बचना नामुमकिन है.
ब्रिटेन के RAF Fairford एयरबेस पर कुल चार B-1B लांसर बमवर्षक विमान पहुच चुके हैं. इनमें से पहला विमान शुक्रवार शाम को आया था और बाकी तीन शनिवार सुबह यानी 7 मार्च लैंड हुए हैं.
ब्रिटिश आर्म्ड फोर्सेस के चीफ, सर रिचर्ड नाइटन के अनुसार, उम्मीद है कि ये विमान अगले कुछ ही घंटों में मिशन पर निकलेंगे. फिलहाल ये विमान एयरबेस पर रिफ्यूलिंग, हथियारों की लोडिंग और अंतिम चेक-अप के लिए खड़े हैं.
अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी ने साफ कहा है कि हमलों की संख्या अब बढ़ने वाली है. इस बीच दुनिया भर में तेल की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं और अगर आज रात ‘महा-बमबारी’ हुई, तो इसका असर हर इंसान की जेब और जिंदगी पर पड़ेगा.




