Tata Trust के वाइस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने दिया इस्तीफा, किस बात को लेकर उठाया ये बड़ा कदम

नई दिल्ली। टीवीएस मोटर (TVS Motor) के चेयरमैन एमेरिटस और टाटा समूह के सात ट्रस्टों के वाइस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने शनिवार को ‘बाई हीराबाई चैरिटेबल ट्रस्ट’ से इस्तीफा दे दिया। आधिकारिक तौर पर उन्होंने अपनी अन्य व्यावसायिक जिम्मेदारियों और व्यस्तताओं का हवाला दिया है। हालांकि, यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री ने श्रीनिवासन और एक अन्य ट्रस्टी विजय सिंह की बोर्ड में रहने की योग्यता को लेकर कानूनी चुनौती पेश की है।
क्या है मेहली मिस्त्री का कानूनी दांव?
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री ने महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के समक्ष एक आपत्ति-आवेदन दायर किया है। मिस्त्री का दावा है कि श्रीनिवासन और विजय सिंह ने कभी भी नियुक्ति के लिए आवश्यक योग्यताओं को पूरा नहीं किया। इसलिए, ट्रस्ट डीड (Trust Deed) के नियमों के तहत वे स्पष्ट रूप से अयोग्य हैं।
मिस्त्री के आवेदन में ट्रस्ट डीड के क्लॉज 6 और 18 का हवाला दिया गया है। इन प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई ट्रस्टी अयोग्य साबित होता है, तो उसे कानूनी तौर पर “मृत माना गया” (deemed dead) समझा जाना चाहिए।
योग्यता की दो प्रमुख शर्तें जिन पर है विवाद
मेहली मिस्त्री के मुख्य तर्क के अनुसार, ट्रस्टी बनने के लिए दो बुनियादी शर्तें अनिवार्य हैं, जिन्हें ये दोनों पदाधिकारी पूरा नहीं करते। दोनों के पास मुंबई का स्थायी निवास नहीं है। इन तर्कों के आधार पर, मिस्त्री ने राज्य चैरिटी कमिश्नर से मामले की स्वतः संज्ञान (suo motu) जांच शुरू करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने यह निर्देश देने की भी अपील की है कि सभी मौजूदा ट्रस्टी अपनी योग्यता की पुष्टि करते हुए हलफनामा (affidavit) दाखिल करें।
विवादों के केंद्र में मौजूद ‘बाई हीराबाई चैरिटेबल ट्रस्ट’ क्या है?
बाई हीराबाई जमशेदजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन (BHJTNCI) की स्थापना 1923 में हुई थी। टाटा ट्रस्ट्स की वेबसाइट के अनुसार, यह एक परोपकारी संस्था है जो मुख्य रूप से गुजरात के नवसारी में पारसी और सामुदायिक कल्याण पर केंद्रित है। इसका कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा है। यह संबद्ध टाटा ट्रस्ट्स का हिस्सा है और सर रतन टाटा ट्रस्ट के साथ अपना निदेशक मंडल साझा करता है।




