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पेट्रोल-डीजल तो कुछ भी नहीं, खाने को समोसे और नहाने के लिए साबुन तक के पड़ जाएंगे लाले!…

नई दिल्ली: ईरान युद्ध की वजह से भारत में तेल का एक और बड़ा संकट खड़ा हो सकता है. पेट्रोल-डीज़ल नहीं. वो तो अलग मसला है. एक और मसला जो खड़ा हो रहा है वो है पाम ऑयल का. दुनिया में सबसे ज़्यादा पाम ऑयल भारत इंपोर्ट करता है. भारत हर साल लगभग 95 लाख टन पाम ऑयल इस्तेमाल करता है. और भारत में पाम ऑयल पैदा होता 4 लाख टन से भी कम. यानी सारा बाहर से ही आता है. क्योंकि पाम के पेड़ जिनसे पाम ऑयल बनता है उनको लगातार बारिश चाहिए होती है, बहुत पानी चाहिए होता है. तो ये दक्षिण पूर्व एशिया में बहुत ज़्यादा होते हैं पाम के पेड़. उनसे तेल निकाल कर पाम ऑयल बनाया जाता है. और दुनिया भर में भेजा जाता है. भारत भी वहीं से लेता है. ज़्यादातर इंडोनेशिया से और मलेशिया से. हम कोई 90 लाख टन पाम ऑयल वहां से मंगाते हैं.

भारत में कुल खाने का तेल जो इस्तेमाल होता है उसका 40% ये पाम ऑयल ही है. क्योंकि एक तो ये बाक़ी खाने के तेलों से सस्ता पड़ता है और लंबे टाइम तक ख़राब नहीं होता. तो कई परिवारों में सस्ते पाम ऑयल का इस्तेमाल होता है खाना पकाने के लिए.

पाम ऑयल से देश में क्या-क्या बनता है?

अनुमान है कि देश के आधे परिवारों में खाना पाम ऑयल से बनता है. या ऐसे तेलों से बनता है जिनमें पाम ऑयल मिलाया हुआ होता है. औऱ ये जो चिप्स, नमकीन, भुजिया, समोसे, वड़े, फ्रेंच फ्राइज़, डोनट वगैरह जो डीप फ़्राई होते हैं बाज़ार में ये सब कंपनियां पाम ऑयल ही इस्तेमाल करती हैं. क्योंकि ये गर्म होने पर स्थिर भी रहता है और चीज़ें लंबे समय तक खस्ता रहती हैं.

  • बिस्किट, कुकीज़, केक, पेस्ट्री, बाक़ी बेकरी की चीज़ें, ये सब भी पाम ऑयल से बनती हैं. इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, आइसक्रीम,सब पाम ऑयल से बनाई जा रही हैं आजकल.
  • सारा रेडी-टू-ईट खाना, सॉस, ग्रेवी, ब्रेड, पीत्ज़ा, इन सब में भी पाम ऑयल ही इस्तेमाल किया जा रहा है. कुल मिलाकर ये समझ लीजिये कि खाद्य उद्योग में 70% से ज्यादा पाम ऑयल जाता है.
  • होटेल हों, रेस्ट्रॉन्ट हों या छोटी खाने-पीने की दुकानें, ढाबे, स्ट्रीट फ़ूड वाले, सब लोग फ्राई करने के लिए, तड़का लगाने के लिए बड़े पैमाने पर पाम ऑयल का ही इस्तेमाल करते हैं. और त्योहारों में तो मिठाइयों और तले हुए खाने की मांग बढ़ने से पाम ऑयल की खपत बहुत बढ़ जाती है.
  • खाने की चीज़ों की ही बात नहीं है. साबुन, शैम्पू, बॉडी वॉश, इन सब में जो झाग बनता है वो झाग बनाने का काम इनमें मिला हुआ पाम ऑयल करता है.
  • क्रीम में पाम ऑयल है, लोशन में पाम ऑयल है, मॉइश्चराइजर में पाम ऑयल है, आपकी लिपस्टिक में पाम ऑयल है. टूथपेस्ट तक में पाम ऑयल होता है. और कपड़े धोने के साबुन पाउडर भी पाम ऑयल से बनते हैं. पेंट में भी पाम ऑयल डलता है.

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