अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर शाह की हाई लेवल मीटिंग, आर्मी चीफ-NSA डोभाल भी रहे मौजूद

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को एक हाई लेवल सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग की। इसमें एनएसए अजित डोभाल, जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा, आर्मी चीफ, केंद्रीय गृह सचिव, आईबी चीफ, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और सीएपीएफ के सभी डीजी समेत आर्मी और जम्मू-कश्मीर के अन्य आला अधिकारी शामिल हुए।
गृह मंत्री अमित शाह ने दिए निर्देश
मीटिंग में गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से यात्रा के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच तैयार किया जाना चाहिए। निगरानी के लिए ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सर्विलांस सिस्टम रहेगा। आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जाए। साथ ही यात्रा के मार्ग पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मल्टी लेयर सुरक्षा ग्रिड बनाया जाए। ताकि यात्रा के बीच कोई भी नापाक इरादों वाला शख्स घुसपैठ ना कर सके।
शिविरों के अंदर-बाहर रहेगी CAPF की मौजूदगी
यात्रा के बीच में शिविरों में रूकने वाले भक्तों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्री ने सीएपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस को निर्देश दिए कि वह लगातार शिविरों के अंदर और बाहर अपनी मौजूदगी सुनिश्चित रखेंगे। श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन, उनके रहने, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन समेत सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो। यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने और यात्रियों की सहायता के बारे में श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की वेबसाईट https://jksasb.nic.in/ पर जानकारी हासिल की जा सकती है।
मौसम की स्थिति के अनुसार आगे बढ़ेंगे श्रद्धालु
गृह मंत्री ने कहा कि मौसम की स्थिति एवं पूर्वानुमान के अनुरूप ही श्रद्धालुओं के जत्थों के आगे बढ़ाने की व्यवस्था की जाए। यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों एवं पशुओं के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था के साथ उनके लिए QR कोड युक्त पहचान पत्र जारी किए जाएंगे।




