स्वास्थ्य

दूसरों का इलाज करने वाले डॉक्टर्स खुद कैसे रहते हैं हेल्दी? स्ट्रेसफुल लाइफ में इन आदतों से रहते हैं फिट

 नई दिल्ली। अपनी सेहत से जुड़ी किसी भी परेशानी के इलाज के लिए हम डॉक्टर्स के पास जाते हैं और उनकी दी हुई सलाह पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं। सच ही है कि मरीजों के लिए चौबीस घंटे तैयार रहने वाले डॉक्टर्स भगवान का दूसरा रूप होते हैं, लेकिन इतनी स्ट्रेसफुल और बिजी लाइफस्टाइल के बीच यहीं डॉक्टर्स अपनी सेहत का कैसे ख्याल रखते हैं?

नेशनल डॉक्टर्स डे के मौके पर इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमने डॉ. अरुण कुमार गोयल (चेयरमैन, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल) से बात की। इस बारे में वे बताते हैं कि खुद को फिट रखने के लिए वो किसी दवा पर निर्भर न रहकर अपनी जिंदगी में कुछ छोटी-मोटी आदतों को शामिल करते हैं। आइए जानें डॉक्टर्स की इन्हीं आदतों के बारे में, जिन्हें अपनाकर आप भी स्वस्थ रह सकते हैं।

नींद से कोई समझौता नहीं

बिजी और इमरजेंसी शेड्यूल के बावजूद डॉक्टर्स कभी भी अपनी नींद से समझौता नहीं करते। उन्हें पता होता है कि शरीर के लिए 7-8 घंटे की नींद कितनी जरूरी है। अच्छी नींद शरीर की मरम्मत, अच्छी मेंटल हेल्थ और मजबूत इम्युनिटी के लिए जरूरी है। पूरी नींद लेने से दिल की बीमारियों और डायबिटीज का खतरा भी कम होता है। 

फिजिकली एक्टिव रहते हैं

फिट रहने के लिए सिर्फ घंटों जिम में भारी वजन उठाना ही एक तरीका नहीं है। ज्यादातर डॉक्टर्स अपने दिन की शुरुआत 30 मिनट की ब्रिस्क वॉक या योग से करते हैं। इसके साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी वो अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाते हैं। 

रोज एक्सरसाइज करने से शरीर में हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जो मूड को अच्छा बनाते हैं, दिल की सेहत को दुरुस्त रखते हैं और एनर्जी लेवल बनाए रखने में मदद करते हैं। 

सही डाइट और हाइड्रेशन है जरूरी

किसी खास तरह की डाइट के बजाय डॉक्टर्स बैलेंस्ड डाइट को ज्यादा तवज्जो देते हैं। वे अपनी डाइट में मौसमी फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट्स को शामिल करते हैं। साथ ही, शुगर, प्रोसेस्ड फूड्स, शुगरी ड्रिंक्स और ज्यादा नमक से दूरी बनाते हैं। डाइट के साथ-साथ हाइड्रेशन पर भी ध्यान देते हैं। दिनभर में भरपूर मात्रा में पानी पीना सबसे जरूरी आदतों में से एक है, ताकि डाइजेशन और किडनी फंक्शन बेहतर रहें। 

स्ट्रेस मैनेजमेंट और मेंटल ब्रेक

डॉक्टर्स की जिंदगी में काफी स्ट्रेस होता है। इससे निपटने के लिए वे मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज की प्रैक्टिस करते हैं। काम के बीच में छोटे ब्रेक लेना और अपने परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताना उन्हें इमोशनली रिचार्ज करता है। मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना सेहत के लिए सबसे जरूरी है। 

सेहत के लिए जागरुकता और रूटीन चेकअप

डॉक्टर्स किसी भी शारीरिक संकेत को नजरअंदाज नहीं करते। वे खुद डॉक्टर होने के बावजूद अपनी बीमारी का इलाज खुद नहीं करते और दूसरे डॉक्टर्स से सलाह लेते हैं। समय-समय पर ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर जैसे रूटीन चेकअप से वे अपनी सेहत की निगरानी करते हैं। 

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