महाराष्ट्र

44 सोमालिया के समुद्री लुटेरो को उम्र कैद, मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने दी सजा

मुंबई: विशेष अदालत ने साल 2024 के दो अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार 44 सोमाली समुद्री लुटेरों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। हालांकि आरोपियों ने भाषा,खान-पान संस्कृति और जीवन शैली के अंतर के कारण हो रही परेशानी के चलते अदालत ने नरमी दिखाने का आग्रह किया था,लेकिन अदालत ने उनके आग्रह को अस्वीकार कर दिया। विशेष जज संजय दिगे ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की कोशिश और अपहरण के आरोपों के तहत मुकदमा चलाया गया था।

भारतीय नौसेना ने मार्च 2024 में 44 में से 9 लोगों को उस समय गिरफ्तार किया था। जब आरोपियों ने ईरान की एक मछली पकड़ने वाली नाव को रोका था। नाव में कुछ पाकिस्तानी नागरिक भी सवार थे। उसी महीने नौसेना ने एक और मर्चेंट जहाज को अगवा करने के आरोप में 35 समुद्री लुटेरों को पकड़ा था।

दो साल तक न्यायिक हिरासत में रहे

आरोपियों के खिलाफ मैरीटाइम एंटी पाइरेसी ऐक्ट, अवैध गतिविधि प्रतिबंधक कानून, आर्म्स ऐक्ट, एक्सपेंसिव सब्सटेंस ऐक्ट, पासपोर्ट कानून और फॉरेनर अधिनियम के प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने केस में चार्जशीट दायर की थी। सभी आरोपियों को मुंबई लाया गया और येलो गेट पुलिस स्टेशन ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। सभी आरोपी दो साल से न्यायिक हिरासत में थे और उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया था।

कोर्ट ने क्या कहा

आरोपियों ने दावा किया था कि जीवन शैली और भाषा में अंतर के चलते तथा परिवार और दोस्तों से किसी तरह की मदद न मिलने के चलते उन्हें भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आरोपियों ने जज के सामने कहा था कि उन्होंने स्वेच्छा से अपराध कबूला है। विशेष सरकारी वकील ने कहा कि आरोपियों के अपराध गंभीर है। उन्हें उनकी करतूत के हिसाब से सजा मिलनी चाहिए।

केस में आरोपियों की संलिप्तता को दर्शाने वाले पर्याप्त सबूत है। इन दलीलों के मद्देनजर जज ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगे आरोप संदेह से परे जाकर साबित हुए है। उनका अपराध गंभीर है। आरोपियों को अलग-अलग धाराओं के तहत दो से दस साल तक की भी सजा सुनाई गई है। सभी सजाएं एक साथ चलेगी।

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