एयर इंडिया टर्बुलेंस: जब गांजा पीकर हवा में तैरने लगे पायलट, कैसे 300 फीट नीचे गिरा विमान, कॉकपिट में क्या हुआ?

Air India Turbulence News: एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट AI2379 के 4 अगस्त के टर्बुलेंस मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के कैप्टन के साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट में मारिजुआना की पुष्टि हुई है. टर्बुलेंस के दौरान Airbus A320neo करीब 300 फीट नीचे आया था और 17 लोग घायल हुए थे. घटना के बाद दोनों पायलटों की अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग कराई गई थी. हालांकि, विमान के अचानक ऊंचाई खोने की वजह और पायलट के टेस्ट के बीच संबंध को लेकर जांच अभी जारी है.
Air India Flight Turbulence News: एयर इंडिया टर्बुलेंस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के पायलट गांजा पीकर विमान उड़ा रहे थे. जी हां, एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट AI2379 के पायलट-इन-कमांड का मारिजुआना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है. एयर इंडिया विमान में टर्बुलेंस का मामला 4 अगस्त का है. उस दिन फ्लाइट अचानक 300 फीटे नीचे आ गई थी. इस टर्बुलेंस के कारण 17 लोग घायल हो गए. कॉकपिट में पायलट तो हवा में ही तैरने लगे थे. इसकी वजह यह है कि विमान के मुख्य पायलट ने गांजा पी रखी थी. पायलट के ड्रग टेस्ट में मादक पदार्थ के सेवन की पुष्टि हुई है.
दरअसल, एयर इंडिया का ए320 विमान 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली के लिए उड़ान संख्या एआई2379 ऑपरेट कर रहा था. उड़ान के दौरान विमान को तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था. इसके बाद इसकी ऊंचाई अचानक करीब 300 फीट कम हो गई थी. जब यह हादसा हुआ, तब उस Airbus A320neo (VT-EXO) विमान में कुल 145 लोग सवार थे. इनमें 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर थे. इस हादसे में कुल 17 लोग घायल हुए थे. कुछ क्रू सदस्यों को स्पाइनल और नेक इंजरी यानी रीढ़ और गर्दन में चोट आई थी. हालांकि, किसी तरह पायलट ने स्थिति को संभाला और विमान को बाद में सुरक्षित दिल्ली पहुंचाया.
हवा में तैरने लगे पायलट
अब सवाल है कि आखिर कॉकपिट में उस वक्त क्या हुआ था? कैसे पायलट हवा में तैरने लगे थे? जानकारी के मुताबिक, जब टर्बुलेंस हुआ, तब फर्स्ट ऑफिसर विमान उड़ा रहे थे. उन्होंने स्टॉल रिकवरी प्रक्रिया के तहत विमान की नोज तेजी से नीचे की. विमान इतनी तेजी से नीचे गया कि कुछ सेकंड के लिए -1g (नेगेटिव जी-फोर्स) की स्थिति बन गई. इस दौरान कॉकपिट में पायलट और ढीला पड़ा सामान हवा में तैरने लगे. कैप्टन उस वक्त अपनी सीट पर नहीं थे. उन्होंने फर्स्ट ऑफिसर को भी कुछ पल के लिए हवा में तैरते देखा.
कैप्टन ने संभाला
हालांकि, बाद में कैप्टन ने कंट्रोल संभाला और अधिकतम कंटीन्यूअस थ्रस्ट देकर विमान की स्पीड और ऊंचाई को स्थिर किया. इस पूरी प्रक्रिया में विमान ने अधिकतम 300 फीट की ऊंचाई खोई, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई. इस घटना को लेकर जांच हुई. घटना के बाद दोनों पायलटों का पोस्ट-फ्लाइट साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट कराया गया.
गांजा पीकर तैर रहे थे पायलट
जांच में यह बात साफ हो गई है कि पायलट ने मारिजुआना यानी गांजा का सेवन किया था. सूत्रों के अनुसार, फर्स्ट ऑफिसर का टेस्ट क्लियर रहा, जबकि कैप्टन के दोनों टेस्टों में मारिजुआना के सेवन की पुष्टि का दावा किया गया है. दोनों पायलटों को फिलहाल रोस्टर से हटा दिया गया है.
अभी अंतिम परिणान नहीं
हालांकि, विमानन उद्योग के प्रतिनिधियों ने आगाह किया है कि शुरुआती गैर-नकारात्मक ड्रग स्क्रीनिंग के परिणाम के आधार पर अकेले कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए. इसके अतिरिक्त, सूत्रों के मुताबिक, इस घटना को लेकर नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन के साथ बैठक की. नागर विमानन सचिव के अलावा, नागर विमानन महानिदेशक वीर विक्रम यादव और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के महानिदेशक जी.वी.जी. युगंधर भी बैठक में मौजूद थे.-प्रियंका काण्डपाल




