‘नए विचार, नया नजरिया, मजबूत संगठन’, नई टीम संग बैठक के बाद क्या-क्या बोले पीएम मोदी?

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी की संगठनात्मक बैठक को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर की। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक बैठकें पार्टी को मजबूत करने और जनता से जुड़ाव बढ़ाने के लिए नए विचारों और नए दृष्टिकोण का मंच होती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने नई संगठनात्मक टीम और पार्टी के सहयोगियों के साथ हुई बातचीत को शानदार अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद पार्टी के कामकाज को नई दिशा देने और लोगों के साथ संपर्क को और गहरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
पीएम मोदी एक्स पर पोस्ट किया, ‘संगठनात्मक बैठकें नए विचारों और नजरिए पर केंद्रित होती हैं, जिनका मकसद पार्टी को मजबूत करना और लोगों के साथ जुड़ाव को गहरा करना होता है। पार्टी के साथियों और नई संगठनात्मक टीम के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई!’
भाजपा की नई टीम से मिले पीएम मोदी, पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के पदाधिकारियों से मुलाकात की और उनके साथ तस्वीर खिंचवाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचे। यहां पीएम मोदी ने पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ मुलाकात की और उनके साथ तस्वीर भी खिंचवाई। इस दौरान भाजपा की नई टीम के सदस्य प्रधानमंत्री के साथ नजर आए। पार्टी मुख्यालय में इस मुलाकात को संगठन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। यह मुलाकात उस बैठक के बाद हुई, जिसमें भाजपा ने ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और ऐतिहासिक विरासत को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया।
भाजपा में हाल ही में संगठनात्मक बदलाव के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई टीम का गठन किया है। नई टीम के गठन के बाद प्रधानमंत्री का पार्टी मुख्यालय पहुंचना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान संगठन से जुड़े मुद्दों, नई जिम्मेदारियों और पार्टी की आगे की रणनीति को लेकर चर्चा और मंथन की संभावना है।

वंदे मातरम को लेकर भाजपा ने क्या फैसला लिया?
भाजपा ने वंदे मातरम के इतिहास और महत्व को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान चलाने का एलान किया है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय गीत स्वतंत्रता आंदोलन, भारत माता के प्रति सम्मान और देश की राष्ट्रीय चेतना का स्थायी प्रतीक है। भाजपा ने कांग्रेस कार्यसमिति के उस फैसले की कड़ी आलोचना की, जिसमें 1937 के प्रस्ताव को दोबारा अपनाते हुए कांग्रेस कार्यक्रमों में वंदे मातरम की केवल पहली दो पंक्तियां गाने की व्यवस्था की गई है।
भाजपा ने छह अंतरों वाले पूरे संस्करण की बात क्यों कही?
पार्टी के प्रस्ताव में कहा गया कि भाजपा वंदे मातरम के छह अंतरों वाले पूर्ण संस्करण के सम्मान, गरिमा और विरासत की रक्षा करेगी। पार्टी ने 1950 में संविधान सभा की घोषणा और वर्ष 2026 में संसद द्वारा राष्ट्रीय गीत को ‘जन गण मन’ के समान वैधानिक संरक्षण दिए जाने का भी उल्लेख किया। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला संविधान या संसद द्वारा बनाए गए कानून को प्रभावित नहीं कर सकता। पार्टी के अनुसार, 1937 का राजनीतिक समझौता 1950 के संवैधानिक निर्णय और 2026 के कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
देशभर में कैसे चलेगा जागरूकता अभियान?
भाजपा ने कहा कि देशभर में चलाए जाने वाले अभियान के दौरान ‘वंदे मातरम’ से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका को सामने रखा जाएगा। युवाओं के बीच विशेष जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस गीत के स्वतंत्रता संघर्ष और बलिदान से संबंध को समझ सकें। पार्टी ने कहा कि वह राष्ट्रीय गीत को सांप्रदायिक दबाव, तुष्टीकरण या वोट बैंक की राजनीति के अधीन किए जाने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी।




