एक बार फिर शिंदे-फडणवीस में घमासान? CM ने बदला शिवसेना के मंत्री का फैसला

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति में एक बार फिर तनाव देखने को मिला. यह तनाव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे गुट के बीच है. दरअसल, शिवसेना के मंत्री ने लिया हुआ फैसला अब सीएम फडणवीस ने बदल दिया है, जिससे शिवसेना नाराज है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को बुनियादी मराठी सीखने के लिए एक साल की मोहलत दी गई है. हालांकि, अब इस फैसले के विवादों में घिरने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिवहन मंत्री को विश्वास में लिए बिना एकतरफा फैसला ले लिया, जिससे डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और शिवसेना के मंत्री नाराज बताए जा रहे हैं.
नाराज मंत्रियों का सीएम फडणवीस से सवाल
नाराज मंत्रियों का सवाल है कि अगर मुख्यमंत्री को एकतरफा फैसले ही लेने हैं, तो फिर कैबिनेट बैठकें किसलिए की जाती हैं? पिछले डेढ़ साल में मुख्यमंत्री ने महायुति में शामिल शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मंत्रियों को विश्वास में लिए बिना कई फैसले पक्षपातपूर्ण तरीके से लिए हैं. इन सभी मामलों के कारण कई मंत्रियों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है. ऐसे में महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है.
CM फडणवीस के फैसले ने उठाए ये सवाल
क्या अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने उत्तर भारतीयों को राहत देकर मराठी मानुष से नाराजगी मोल ले ली है? मराठी भाषा के मुद्दे पर अब राजनीति गरमाने की संभावना है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उत्तर भारतीयों के हित में फैसले क्यों लेते हैं? मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शिवसेना के नाराज़ मंत्रियों को कैसे मनाएंगे?
वहीं, सूत्रों की मानें तो देवेंद्र फडणवीस द्वारा अधिसूचना जारी कर मंत्रिमंडल के सभी अधिकार अपने पास केंद्रित किए जाने को लेकर भी महायुति के मंत्री नाराज बताए जा रहे हैं.




