
नई दिल्ली। भारतीय महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को एशियन गेम्स-2026 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। ओलंपिक मेडल विजेता लवलीना ने आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स में महिलाओं के 75 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले में चीन की जियी बाओ को मात देकर ये मेडल अपने नाम किया।
लवलीना और चीन की खिलाड़ी के बीच मुकाबला काफी आक्रामक रहा और दोनों ही मुक्केबाजों ने अटैक करने की रणनीति अपनाई। चीन की खिलाड़ी ने काफी कोशिश की, लेकिन लवलीना अटैक के साथ-साथ डिफेंस में भी उन पर हावी रहीं और नतीजा यह रहा कि भारत के हिस्से गोल्ड आया।
मैरी कॉम वाला किया काम
इसी के साथ लवलीना ने इतिहास रच दिया। वह एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की सिर्फ दूसरी महिला मुक्केबाज हैं। उनसे पहले सिर्फ दिग्गज मुक्केबाज मैरी कॉम ने ये काम किया था। मैरी कॉम ने साल 2014 में खेले गए एशियन गेम्स में गोल्ड जीता था और भारत का खाता खोला था। अब लिस्ट में लवलीना का नाम भी जुड़ गया है। लवलीना के पास पिछले एशियाई खेलों में भी गोल्ड जीतने का मौका था, लेकिन फाइनल में उन्हें हार मिली थी और सिल्वर से ही संतोष करना पड़ा था।
लवलीना के लिए यह मेडल और ज्यादा खास है क्योंकि उन्होंने ये अपने जन्मदिन के मौके पर जीता है। वह अपने आप को यह तोहफा देकर काफी खुश होंगी।
ऐसा रहा मैच
चीन की मुक्केबाज ने फ्रंटफुट पर रहते हुए शानदार शुरुआत की। लवलीना ने यहां धैर्य अपनाया और मौका मिलने पर वार किए। इस राउंड में वह 3-2 से जीत हासिल करने में सफल रहीं। दूसरे राउंड में भारतीय मुक्केबाज के खेल में ज्यादा आत्मविश्वास देखा गया और उन्होंने चीन की खिलाड़ी के अति आक्रामक खेल को समझते हुए सूझबूझ से काम लिया। लवलीना ने कुछ सटीक पंच लगाए जो चीन की खिलाड़ी को पीछे करने के लिए काफी थे। यह राउंड लवलीना ने 4-1 से जीता। तीसरे राउंड में भी लवलीना ने यही रणनीति अपनाई और जीत हासिल की।




