आपके पार्सल में ड्रग्स मिला है… सुनते ही डर गई महिला डॉक्टर, 30 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, 178000000 रुपये वसूले

प्रयागराजः उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में डिजिटल अरेस्ट का हैरान कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां एक महिला डॉक्टर को साइबर ठगों ने करीब 1 महीने तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा था. इस दौरान उन्होंने पीड़िता से एक करोड़ 78 लाख रुपए ट्रांसफर करवाया. गैंग के लोगों ने पार्सल में ड्रग्स होने का झांसा देकर महिला को एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट किए रखा. गिरफ्तारी का डर दिखाकर अलग-अलग बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर कराए. जार्जटाउन थाना क्षेत्र की महिला डॉक्टर ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई. साइबर थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है. साइबर थाना पुलिस जल्द ही बैंक खातों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रही है.
ठग ने खुद को बताया था एटीएस का अधिकारी
वहीं राजधानी लखनऊ में बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 52 लाख रुपए वसूलने का मामला सामने आया है. 28 सितंबर की सुबह आशियाना की तारावती के पास ठगों का फोन आया था. कॉल करने वाले को खुद को एटीएस पुणे का अधिकारी अभिषेक यादव बताया था. तारावती को धमकाया गया कि आपका फोन आतंकी गतिविधियों में लिप्त पाया गया है. ये भी कहा गया कि आपकी आईडी पर जम्मू कश्मीर में एचडीएफसी बैंक में एक खाता खुलवाया गया है. धमकाया गया कि उस खाते में 7 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ और तारावती को 70 लाख रुपए कमीशन के रूप में मिले.
तीन किस्तों में 52 लाख रुपये कराया ट्रांसफर
इसके बाद धमकाया गया कि आपको मनी लांड्रिंग के मामले में जेल भेजा जा सकता है. तत्काल जेल भेजने की धमकी देकर ठगों ने तारावती से रकम वसूल की. तारावती ने एफडी तुड़वाकर आंध्र प्रदेश के खाते में 25 लाख रुपए भेजे. इसके बाद 30 सितंबर को 14 लाख और 1 अक्टूबर को 13 लाख रुपए महाराष्ट्र के बैंक खाते में ट्रांसफर कराए. ठगों का फोन बंद होने पर तारावती को ठगी का एहसास हुआ. मामले की एफआईआर दर्ज कर जांच में जुटी लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस. (ऋषभ मणि त्रिपाठी)




