ईवीएम हंगामे के बीच बैलट पेपर से हुए चुनाव में भी सपा को झटका, बिठूर नगर पंचायत उपचुनाव में बीजेपी की जीत

कानपुर: देश की राजनीति में इस समय चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, एसआईआर और ईवीएम का मुद्दा गूंज रहा है। वहीं, दूसरी ओर बैलट से चुनाव होने के बाद भी सपा को हार मिली है। यूपी विधान परिषद (MLC) चुनाव के बीच कानपुर की बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए हुए उपचुनाव में भाजपा को जीत मिली है। यहां बैलट पेपर पर चुनाव हुआ था। भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा के भाई राना समरेंद्र सिंह ने एकतरफा मुकाबले में सपा समर्थित प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी को 2483 वोटों से पराजित किया।
कानपुर के बिठूर नगर पंचायत अध्यक्ष सीट के लिए 13 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इसके बाद 15 अक्टूबर यानी गुरुवार को मतगणना हुई, जिसमें भाजपा प्रत्याशी राना समरेंद्र सिंह ने पहले ही राउंड से बढ़त बना ली, जो कि अंत तक जारी रही। राना समरेंद्र सिंह को 4210 वोट मिले, जबकि सपा के प्रत्याशी आदर्श द्विवेदी को 1727 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप कुमार द्विवेदी को केवल 58 वोट मिले।
निर्मला सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हुआ है
बिठूर नगर पंचायत में राना समरेंद्र की मां निर्मला सिंह अध्यक्ष थीं। उनके निधन के बाद यहां पर उपचुनाव हुए है। गुरुवार को जैसे से मतगणना शुरू हुई, वैसे ही सपा और कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थक भी मतगणना स्थल पर पहुंच गए। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस-फोर्स भी रही। पांचवें राउंड की गिनती पूरी होने के बाद विजेता के नाम का ऐलान किया गया। भाजपा प्रत्याशी राना समरेंद्र के समर्थकों ने जय श्री राम के नारे लगाए।
पैदल घर पहुंचे समरेंद्र
वहीं, सपा प्रत्याशी को पुलिस सुरक्षा के बीच घर तक छोड़ा गया। इस दौरान भाजपा समर्थकों ने जमकर हूटिंग भी की। चुनाव अधिकारी अरुणेश प्रताप सिंह ने राना समरेंद्र सिंह को जीत का प्रमाण पत्र दिया। राना समरेंद्र सिंह पैदल ही कार्यकर्ताओं के साथ घर पहुंचे।




