दिवाली पर बच्चों को ज्यादा मिठाई खिलाने से हो सकती है कैविटी, जानें दांतों को कैसे बचाएं

फरीदाबाद: दिवाली पर बच्चों को ज्यादा मिठाई खिलाना उनके दांतों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इतना ही नहीं, गिफ्ट में मिलने वाले पैकेट वाले जूस और कोल्ड ड्रिंक भी बच्चों के दांतों को मिठाई से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं. इससे दांतों में कैविटी होने के साथ उनकी बाहरी परत भी खराब हो सकती है. यह कहना है फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल के डेंटल डिपार्टमेंट की चाइल्ड डेंटल स्पेशलिस्ट डॉक्टर मेघा जैन का. उन्होंने Local18 से बातचीत में बताया कि त्योहार के दौरान बच्चों के दांतों का ध्यान रखना क्यों जरूरी है और माता-पिता को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
दिवाली पर मिठाई खाने से बढ़ता है कैविटी का खतरा
डॉक्टर मेघा जैन ने बताया कि दिवाली के दौरान घरों में मिठाइयां और चॉकलेट खूब आती हैं. लोग एक-दूसरे को मिठाई के डिब्बे और चॉकलेट गिफ्ट करते हैं. ऐसे में बच्चे भी बार-बार मीठा खाते हैं. जब बच्चे ज्यादा मीठा खाते हैं तो उनके दांतों में मौजूद बैक्टीरिया शुगर के साथ मिलकर एसिड बनाते हैं. इससे दांतों में कैविटी होने का खतरा बढ़ जाता है. सिर्फ मिठाई की मात्रा ही नहीं, बल्कि बच्चे दिन में कितनी बार मीठा खाते हैं, यह भी काफी जरूरी है. इसे शुगर एक्सपोजर कहते हैं. इसलिए बच्चों को बार-बार मिठाई देने से बचना चाहिए. माता-पिता लंच और डिनर के बाद डेजर्ट के रूप में थोड़ी मिठाई दे सकते हैं. इसके बाद बच्चों को कुल्ला जरूर कराएं और दिन में दो बार ब्रश करवाएं.
पैकेट वाले जूस और कोल्ड ड्रिंक से भी दांतों को नुकसान
मेघा जैन बताती हैं कि दिवाली पर गिफ्ट में मिलने वाले पैकेट वाले जूस, कोल्ड ड्रिंक और फ्लेवर्ड मिल्क भी बच्चों के दांतों के लिए नुकसानदायक हैं. ये मिठाइयों से भी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं. इनमें शुगर होने के साथ एसिड भी होता है, जो दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंचाता है. इससे दांतों में कैविटी का खतरा और बढ़ जाता है. इनकी जगह बच्चों को ताजे फल और हेल्दी चीजें देनी चाहिए.
दूध के दांतों को खराब न होने दें
मेघा जैन बताती हैं कि बच्चों के दूध के दांत भी उतने ही जरूरी हैं, जितने पक्के दांत. कई माता-पिता सोचते हैं कि दूध के दांत तो कुछ समय बाद गिर ही जाएंगे, इसलिए उनकी देखभाल की जरूरत नहीं है. लेकिन ऐसा सोचना गलत है. दूध के दांत बच्चों को खाना चबाने और सही तरीके से बोलने में मदद करते हैं. इसके अलावा ये पक्के दांतों के लिए गाइड का काम करते हैं और उन्हें सही जगह पर आने में मदद करते हैं.
मेघा जैन बताती हैं कि अगर कैविटी या किसी दूसरी वजह से दूध के दांत समय से पहले गिर जाते हैं तो पक्के दांतों को सही जगह मिलने में परेशानी हो सकती है. इससे बच्चों के दांत टेढ़े-मेढ़े निकल सकते हैं और आगे चलकर उन्हें ऑर्थोडॉन्टिक ट्रीटमेंट यानी दांत सीधे करवाने के इलाज की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए माता-पिता को बच्चों के दूध के दांतों की भी नियमित देखभाल करनी चाहिए.




