स्वास्थ्य

शुगर पेशेंट हैं तो आज से गांठ बांध लें ये 5 बातें, वरना वक्त से पहले आ जाएगी… 

डायबिटीज यानी शुगर आज के समय की सबसे आम लेकिन खतरनाक बीमारियों में से एक मानी जाती है. यह ऐसी समस्या है जो धीरे-धीरे शरीर के अंदर कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है. शुरुआत में इसके लक्षण ज्यादा दिखाई नहीं देते, लेकिन यदि ब्लड शुगर लंबे समय तक अनियंत्रित रहे तो आंखों, किडनी, हृदय और नसों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डायबिटीज को पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं है, लेकिन सही जीवनशैली और सावधानियों की मदद से इसे नियंत्रित जरूर रखा जा सकता है. ऐसे में अगर आप शुगर के मरीज हैं तो कुछ बातों को आज से ही गांठ बांध लेना जरूरी है.

डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज उनका खानपान है. अक्सर लोग दवा तो समय पर लेते हैं, लेकिन खाने-पीने में लापरवाही कर बैठते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार मैदा, ज्यादा चीनी, कोल्ड ड्रिंक, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का सेवन शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकता है. इसके बजाय साबुत अनाज, ओट्स, ब्राउन राइस, दालें, हरी सब्जियां और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना चाहिए.

अगर आप चाहते हैं कि आपकी शुगर कंट्रोल में रहे तो शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक, योग या हल्का व्यायाम शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है. साथ ही लगातार बैठे रहने की आदत न केवल वजन बढ़ाती है बल्कि ब्लड शुगर को भी असंतुलित कर सकती है. इसलिए चाहे आप घर पर हों या ऑफिस में, दिनभर सक्रिय रहने की कोशिश करें.

कई बार मरीजों को लगता है कि उन्हें कोई परेशानी नहीं हो रही, इसलिए जांच कराने की जरूरत नहीं है. यही सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है. डॉक्टरों के अनुसार नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच और समय-समय पर HbA1c टेस्ट करवाना जरूरी है. इससे पिछले दो से तीन महीनों के औसत शुगर स्तर का पता चलता है और बीमारी की स्थिति को समझने में मदद मिलती है. समय पर जांच से किसी भी खतरे को शुरुआती दौर में ही पकड़ा जा सकता है.

डायबिटीज की दवाएं केवल तब असर करती हैं जब उन्हें नियमित रूप से लिया जाए. कई मरीज शुगर कंट्रोल होते ही दवा छोड़ देते हैं या मनमर्जी से डोज बदल लेते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है. डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं और इंसुलिन का नियमित सेवन करना जरूरी है. दवाओं में लापरवाही से शुगर अचानक बढ़ सकती है और इससे हृदय, किडनी तथा आंखों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है.

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव लगभग हर व्यक्ति की समस्या बन चुका है. लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह और भी नुकसानदायक हो सकता है. तनाव बढ़ने पर शरीर में ऐसे हार्मोन बनते हैं जो ब्लड शुगर को बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा पर्याप्त नींद न लेना भी शुगर नियंत्रण को मुश्किल बना देता है. विशेषज्ञ रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने और तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या गहरी सांस लेने जैसी तकनीकों को अपनाने की सलाह देते हैं.

डायबिटीज कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिससे घबराने की जरूरत हो, लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है. सही खानपान, नियमित व्यायाम, समय पर जांच, दवाओं का पालन और तनाव नियंत्रण जैसी आदतें आपको लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं.

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