अन्य खबरें

‘मरकर’ जिंदा हुआ शख्स, दूसरी दुनिया में मिला सच्चा ज्ञान, अब दूसरों को दिखा रहा सही राह

मौत शास्वत सत्य है. लेकिन इसी के साथ ऐसी रहस्य्मयी चीज है, जिसके बारे में किसी भी जिंदा शख्स को नहीं पता. लोग बस मौत के बाद क्या होता होगा, इसका अनुमान ही लगा सकते हैं. हालांकि, कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने उसे करीब से महसूस किया और फिर वापस लौट आए हैं.

स्वीडन के प्रसिद्ध फायरफाइटर लासे गुस्टावसन (Lasse Gustavson) ऐसे ही एक शख्स हैं. 1981 में महज 24 साल की उम्र में ड्यूटी के दौरान हुए भयानक गैस विस्फोट में वे मौत के मुंह में चले गए थे, लेकिन चमत्कारिक रूप से वापस लौट आए थे. अब वे अपने अनुभव शेयर करके हजारों लोगों को नई जिंदगी जीने की प्रेरणा दे रहे हैं.

क्या हुआ था उस भयानक दिन?
लासे उस समय नौकरी पर तैनात थे. गोथेनबर्ग के ऑयल हार्बर में गैस लीक की सूचना मिली. उनकी फायर ट्रक गैस के बादल के बहुत करीब पहुंच गई थी. अचानक 20 टन प्रोपेन गैस फट पड़ी. आग की लपटें चारों तरफ फैल गई. लासे और उनका साथी लेइफ ट्रक से बाहर निकले और जलती गैस के बीच से भागे. लेइफ इस हादसे में जान गंवा बैठे, जबकि लासे के शरीर का 40 प्रतिशत हिस्सा गंभीर रूप से जल गया. उनके बाल, कान, उंगलियां और चेहरा बुरी तरह प्रभावित हुआ. लासे को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उन्हें दो महीने के लिए मेडिकल कोमा में रखा गया. जब वे होश में आए तो उनका वजन आधा रह गया था. डॉक्टरों ने उनके जीवन की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन वे जिंदा लौट आए.

मौत के बाद की यात्रा
लासे का कहना है कि विस्फोट के दौरान वे क्लिनिकल रूप से मर गए थे. इस दौरान उन्होंने एक अलग दुनिया का अनुभव किया था. उन्होंने दावा किया कि उन्हें स्वर्ग जैसी शांत जगह मिली, जहां उन्होंने जीवन का असली अर्थ समझा. उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें सिखाया कि जिंदगी में सबसे महत्वपूर्ण चीज प्यार, करुणा और दूसरों की मदद करना है. वे कहते हैं कि “मौत के बाद कुछ भी खत्म नहीं होता, बल्कि एक नई शुरुआत होती है.” यह अनुभव उनके जीवन को पूरी तरह बदल गया. शारीरिक रूप से चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. छह साल बाद वे फिर फायर डिपार्टमेंट में लौटे और बाद में मोटिवेशनल स्पीकर बन गए. आज वे दुनिया भर में अपने अनुभव शेयर करते हैं और लोगों को बताते हैं कि मुश्किलों का सामना कैसे किया जाए.

Related Articles

Back to top button